Lesson 2. अम्ल, क्षार एवं लवण
यदि आप 10 वीं कक्षा के छात्र हैं या किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं जिसमें विज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे तो आपको विज्ञान से संबंधित अधिक जानकारी होनी चाहिए। जो विद्यार्थी विज्ञान से संबंधित जानकारी ढूंढ रहा है उसके लिए इस पोस्ट में विज्ञान के कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर दिए गए हैं। प्रश्न उत्तर अपडेट लगी तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।
1.गांधिय सूचक किसे कहते हैं?
उत्तर. जो पदार्थ अपनी गंध से अम्लीय या क्षारीय माध्यम से बदल जाते हैं उन्हें गांधिय सूचक कहते हैं
2.अम्ल क्या है?
उत्तर.वे यौगिक जिनके पास एक या एक से अधिक हाइड्रोजन परमाणु होते हैं और जो जलीय घोल में धन आवेशित आयन उत्पन्न करते हैं उन्हें अमल कहते हैं यह स्वाद में खट्टे होते हैं
3.आयनीकरण अम्ल किसे कहते हैं?
उत्तर. वह क्रिया जिसमें कोई अम्ल जल में घुलकर आयन बनता है उसे आयनीकरण कहते हैं?
4. कार्बनिक अम्ल किसे कहते हैं?
उत्तर. जिनअम्लो को पेड़ पौधों से प्राप्त किया जाता है उन्हें कार्बनिक अम्ल कहते हैं
5.अकार्बनिक अम्ल किसे कहते हैं?
उत्तर.वे अम्ल जिन्हें खनिजों से प्राप्त किया जाता है उन्हें अकार्बनिक अम्ल कहते हैं
6. अम्ल की क्षारकता किसे कहते हैं?
उत्तर. एक अणु के जलीय घोल में पूर्ण रुप से आयनीकरण के द्वारा उत्पन्न हाइड्रोनियम आयनों की संख्या को अम्ल की क्षारकता कहते हैं
7.सांद्र अम्ल किसे कहते हैं?
उत्तर. अमल के जिस नमूने में जल बहुत कम मात्रा में है या नहीं के बराबर होता है उसे सांद्र अम्ल कहते हैं
8.तनु अम्ल किसे कहते हैं?
उत्तर.तनु अम्ल के जिस नमूने में जल की मात्रा अमल की मात्रा से अधिक होती है उसे तनु अम्ल कहते हैं
9.क्षारक किसे कहते हैं?
उत्तर.क्षारक उन योगीको को कहते हैं जो धात्विक आक्साइड या धात्विक हाइड्रोक्साइड या जलीय अमोनिया हो और वे अम्लो के हाइड्रोयिनम आयन के साथ मिलकर लवण और जल उत्पन्न करते हैं
उत्तर. अम्ल और क्षार की अभिक्रिया के परिणाम स्वरुप लवण और जल प्राप्त होते हैं जिसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं
11.क्षारकीय ऑक्साइड क्या है?
उत्तर. कोई धात्विक ऑक्साइड ही क्षारकीय ऑक्साइड कहलाता है यदि उसमें O2 आयन हो तो वह अम्ल से क्रिया कर लवण और जल उत्पन्न पर करता है
12.क्षार किसे कहते हैं?
उत्तर. जो बेसिक हाइड्रोक्साइड जल में घुलकर हाइड्रॉक्सियल आयन बनाते है क्षार कहते हैं
13.वैश्विक सूचक किसे कहते हैं?
उत्तर. विभिन्न जैविक रंगों का वह मिश्रण जो विभिन्न PH घोलो के साथ विभिन्न रंग प्रकट करता है उसे वैश्विक सुचक कहते हैं
14.प्रबल अम्ल किसे कहते हैं?
उत्तर. वह अम्ल जो पानी में मिलने से पूरी तरह H+ आयन और ऋणआत्मक आयनों में बदल जाते हैं उन्हें प्रबल अम्ल कहते हैं
15.दुर्बल अम्ल किसे कहते हैं?
उत्तर. वह अम्ल जो पानी में मिलने से पूरी तरह H+ आयनों और ऋणआत्मक आयनों में नहीं बदलते उन्हें दुर्बल अम्ल कहते हैं
16.वियोजन किसे कहते हैं?
उत्तर. जब एक अणु या आयनिक यौगिक का दो या दो से अधिक परमाणु और आयन में विभाजन हो जाता है तो उसे वियोजन कहते हैं
17.रसायनिक वियोजन किसे कहते हैं?
उत्तर. जिस अभिक्रिया में किसी यौगिक का अणु टूटकर परमाणु आयन बनाते हैं उसे रसायनिक वियोजन कहते हैं
18. क्रिस्टलन जल किसे कहते हैं?
उत्तर. वह जल जो किसी पदार्थ के क्रिस्टलों में उपस्थित होता है उसे क्रिस्टल जल कहते हैं
19. उत्फुल्लन किसे कहते हैं?
उत्तर. क्रिस्टलन जल के वायु में मुक्त होने की प्रक्रिया को उत्फुल्लन कहते हैं
20.प्रस्वेदी किसे कहते हैं?
उत्तर. जो वायुमंडल की नमी को सोख कर पसीज जाते हैं उन्हें प्रस्वेदी कहते हैं
21.तनुकरण किसे कहते हैं?
उत्तर. जल में अम्ल क्षार मिलाने पर आयन की सांद्रता में प्रति इकाई आयतन में कमी हो जाती है इसे तनुकरण कहते हैं
प्रश्न-आप को तीन परखनलियां दी गई हैं। इनमें से एक में आसवित जल एवं शेष दो में से एक में अम्लीय विलयन तथा दूसरे में क्षारीय विलयन है। यदि आप को केवल लाल लिटमस पत्र दिया जाता है तो आप प्रत्येक परखनली में रखे गए पदार्थों की पहचान कैसे करेंगे ?
उत्तर– लिटमस पत्र को तीन भागों में बांटकर तीनो परखनलियों में डुबाओl जिस परखनली में इस का रंग नीला हो जाएगा वह क्षारीय विलयन होगाl जिन अन्य दो परखनलियों में रंग परिवर्तन नहीं होगा उन में जल और अम्लीय विलयन होगाl जब इसी लिटमस पत्र को, जो क्षारीय विलयन में डालने से नीला हो चुका है, उसे जल और अम्लीय विलियन में डालोl जिस परखनली में रंग में कोई परिवर्तन नहीं होगा उस में जल होगा पर जिस परखनली में अम्लीय विलयन होगा उस में नीले लिटमस का रंग पुन: लाल हो जाएगाl
प्रश्न . पीतल एवं तांबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ क्यों नहीं रखने चाहिए ?
उत्तर- दही और दूसरे खट्टे पदार्थों में अम्ल होते है। इसलिए जब ये अम्ल धातु के साथ क्रिया करते है तो विषैले यौगिकों का निर्माण करते है जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक होते है। इसलिए पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही और दूसरे खट्टे पदार्थ नहीं रखने चाहिए।
प्रश्न. धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर सामान्यतः कौन-सी गैस निकलती है ? एक उदाहरण के द्वारा समझाइए। इस गैस की उपस्थिति की जाँच आप कैसे करेंगे ?
उत्तर- जब धातु के साथ अम्ल अभिक्रिया करते हैं तब प्रायः हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।
हाइड्रोजन गैस को साबुन के घोल से गुजारोl बुलबुले उत्पन्न होंगेl उन बुलबुलों के निकट जलती हुई मोमबत्ती की ज्वाला लाओl वह फट-फट की ध्वनि के साथ जलेंगेl इससे हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति सिद्ध हो जाती हैl
प्रश्न . कोई धातु यौगिक ‘A’ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है। इससे उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। यदि उत्पन्न यौगिकों में एक कैल्सियम क्लोराइड है, तो इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। उत्तर-इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण है।
यौगिक ‘A’ अवश्य ही कैल्सियम कार्बोनेट है। यह तुन हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से क्रिया कर कैल्सियम क्लोराइड, जल और कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है। कार्बन डाइऑक्साइड में आग बुझाने का गुण होता है। इसीलिए वह जलती मोमबत्ती को बुझा देती है।
प्रश्न . HCI, HNO3 आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण क्यों प्रदर्शित करते हैं, जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों के विलयनों में अम्लीयता के अभिलक्षण नहीं प्रदर्शित करते हैं ?
उत्तर- HCI, HNO3 आदि जलीय विलयन में H+आयन बनता है जिसके कारण ये अम्लीय अभिलक्षण को प्रदर्शित करते हैं, जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों के विलयनों में H+ आयन नहीं बनता जिसके कारण ये अम्लीयता के अभिलक्षण नहीं प्रदर्शित होते हैं
प्रश्न . अम्ल को जलीय विलयन क्यों विद्युत् का चालन करता है ?
उत्तर- अम्ल का जलीय विलयन विद्युत् का चालन करता है क्योंकि अम्ल का जलीय विलयन में H+ आयन उत्त्पन करता है जिसके कारण विद्युत् धारा का प्रवाह होता है
प्रश्न. शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र का रंग क्यों नहीं बदलती है ?
उत्तर- शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र का रंग नहीं बदलती क्योंकि जल की अनुपस्थिति में यह आयनीकरण न कर पाने के कारण H+ आयन उत्पन्न नहीं कर पाती।
प्रश्न .अम्ल को तनुकृत करते समय यह क्यों अनुशंसित करते हैं कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए न कि जल को अम्ल में ?
उत्तर- जल में अम्ल के घुलने की प्रक्रिया अत्यंत ऊष्माक्षेपी होती है L इसलिए जल में किसी सांद्र अम्ल को सावधानीपूर्वक मिलाना चाहिएl अम्ल और जल को धीरे-धीरे हिलाते रहना चाहिएl ऐसा न करने पर अम्ल में जल मिलाने पर उतपन्न ऊष्मा के कारण मिश्रण आसफलित हो कर बाहर आ सकता हैl इस से स्थानीय ताप बढ़ जाता है जिस कारण उपयोग किया जाने वाला कांच का पात्र टूट भी सकता हैl
प्रश्न . अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइड्रोनियम आयन (H30+) की सांद्रता कैसे प्रभावित हो जाती है ?
उत्तर- जब एक अम्ल को निश्चित मात्रा में पानी में डाला जाता है, उस विलयन के प्रति इकाई मात्रा में हाइड्रोनियम आयनों की निश्चित संख्या होती हैl प्रति इकाई हाइड्रोनियम आयनों की संख्या कम करने पर हाइड्रोनियम आयन की सांद्रता कम हो जाती हैl
प्रश्न . जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आधिक्य क्षारक मिलते हैं तो हाइड्रॉक्साइड आयन (OH-) की सांद्रता कैसे प्रभावित होती है ?
उत्तर- जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में अधिक क्षारक मिलाते हैं तो हाइड्रॉक्साइड आयन (OH-) की सांद्रता प्रति इकाई आयतन बढ़ती जाती है।
प्रश्न . आप के पास दो विलयन ‘A’ एवं ‘B’ है। विलयन ‘A’ के PH का मान 6 है एवं विलयन ‘B’ के PH का मान 8 है। किस विलयन में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता अधिक है। इन में से कौन अम्लीय है तथा कौन क्षारकीय ?
उत्तर- विलयन A में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता अधिक हैl विलयन A हल्का अम्लीय और विलयन B हल्का क्षारीय हैl
प्रश्न . H+(Aq) आयन की सांद्रता का विलयन की प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर- H+ (Aq) आयन की सांद्रता का विलयन की प्रकृति पर प्रभाव पड़ता है। H+ (Aq) की जितनी सांद्रता होगी, उतना ही विलयन अधिक अम्लीय होगा।
प्रश्न . क्या क्षारकीय विलयन में H+(Aq) आयन होते हैं ? अगर हाँ, तो यह क्षारकीय क्यों होते हैं ?
उत्तर- क्षारकीय विलयन में H’ (Aq) आयन होते हैं पर साथ ही उसमें OH- आयन भी होते हैं। वे क्षारकीय इसलिए होते हैं क्योंकि उन में OH- आयन की सांद्रता अधिक H+ आयन की अपेक्षा अधिक होती है।
प्रश्न . कोई किसान खेत की मृदा की किस परिस्थिति में बिना बुझा हुआ चुना ( कैल्सियम ऑक्साइड) बुझा हुआ चूना ( कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक ( कैल्सियम कार्बोनेट ) का उपयोग करेगा ?
उत्तर – पौधों के अच्छे विकास के लिए PH एक निम्न श्रेणी में होनी चाहिएl पौधों का विकास अच्छा होता है यदि उनका PH मान 6-8 हो L इसलिए किसान खेत की मृदा में इन का उपयोग कर सकेगा यदि उस खेत की प्रकृति अम्लीय हैl
प्रश्न . CaOCI, यौगिक का प्रचलित नाम क्या है ?
उत्तर – विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder)
प्रश्न . उस पदार्थ का नाम बताइए जो क्लोरीन से क्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाता है ?
उत्तर- शुष्क बुझा हुआ चूना Ca(OH),
प्रश्न. कठोर जल को मृदु करने के लिए किस सोडियम यौगिक का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर- सोडियम कार्बोनेट का उपयोग कठोर जल से मृदु जल बनाने में किया जाता है, इसको धावन सोडा ( NaCO3 ) भी कहा जाता है
प्रश्न .सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के विलयन को गर्म करने पर क्या होगा ? इस अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए।
(HR. 20ll, Set-C)
उत्तर- सोडियन हाइड्रोजन कार्बोनेट गर्म करने पर सोडियम कार्बोनेट (I), कार्बन डाइऑक्साइड (Ii) और जल (Iii) में विघटित हो जाएगाl
2NaHCO3 → Na2CO3 + CO2 + H2O
प्रश्न . प्लास्टर ऑफ पेरिस का जल के साथ अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए।
उत्तर – प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO4.1/2H2O ) जल के साथ अभिक्रिया करके जिप्सम (CaSO4.2H2O ) बनाता है और लगभग आधे घंटे में जम कर ठोस बन जाता है।
(प्लास्टर ऑफ पेरिस) (जल) जिप्सम
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
प्रश्न . कोई विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है, इस का PH संभवतः क्या होगा ?
(A) 1
(B) 4
(C) 5
(D) 10
उत्तर- (D) 10
विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है इसलिए इस का PH अवश्य 7 से अधिक होना चाहिए।
प्रश्न . कोई विलयन अंडे के पिसे हुए कवच से अभिक्रिया कर एक गैस उत्पन्न करता है जो चूने के पानी को दूधिया कर देता है। इस विलयन में क्या होगा ?
(A) NaCl
(B) HCl
(C) LiCI
(D) KCI.
उत्तर- (B) HCl
अंडे के पिसे हुए कवच में CaCO, होता है जो HCI से क्रिया कर के CO, उत्पन्न करता है जो चूने के पानी को दूधिया कर देती है।
प्रश्न . NaOH का 10mL विलयन, HCI के 8 ML विलयन में पूर्णतः उदासीन हो जाता है। यदि हम | NaOH के उसी विलयन का 20ml लें तो इसे उदासीन करने के लिए HCI के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी ?
(A) 4 ML
(B) 8 ML
(C) 12 ML
(D) 16 ML.
उत्तर- D) 16 ML
यदि हम NaOH विलयन की दुगुनी मात्रा लेंगे ताकि HCI विलयन को उदासीन किया जा सके तो उसे भी दुगुना होना चाहिए।
प्रश्न . अपच का उपचार करने के लिए निम्न में से किस औषधि का उपयोग होता है ?
(A) एंटिबायोटिक प्रतिजैविक
(B) ऐनालजोसिक ( पीड़ाहारी )
(C) ऐंटैसिड ।
(D) ऐंटिसेप्टिक (प्रतिरोधी )
उत्तर- (C) ऐंटैसिड।
प्रश्न . निम्न अभिक्रिया के लिए पहले शब्द समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिए
(A) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल, दानेदार जिंक के साथ अभिक्रिया करता है।
(B) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, मैग्नीशियम पट्टी के साथ अभिक्रिया करता है।
(C) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल, एलुमिनियम चूर्ण के साथ अभिक्रिया करता है।
(D) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, लौह के रेतन के साथ अभिक्रिया करता है।
उत्तर- (A) ज़िंक + सल्फ़्यूरिक अम्ल ( तनु ) → ज़िंक सल्फ़ेट + हाइड्रोजन
Zn + H2SO4 → ZnSO4 + H2
(B) मैग्नीशियम + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → मैग्नीशियम क्लोराइड + हाइड्रोजन
Mg + 2HCl → MgCl + H2
(C) ऐलुमिनियम + सल्फ़्यूरिक अम्ल → ऐलुमिनियम सल्फेट + हाइड्रोजन
2Al + 3H2SO4 → Al2(SO4)3 + 3H2
(D) लौहा + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → लौहा (II) क्लोराइड + हाइड्रोजन
2Fe + 6HCl → 2FeCl3 + 3H2
प्रश्न . ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों में भी हाइड्रोजन होती है लेकिन इनका वर्गीकरण अम्ल की तरह नहीं होता है। एक क्रियाकलाप के द्वारा साबित कीजिए।
उत्तर- यद्यपि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों में हाइड्रोजन होती है पर वे विलयन में आयनीकृत नहीं होते और H+ आयन उत्पन्न नहीं करते। यह इस तथ्य से साबित होता है कि उन के विलयन विद्युत् चालन नहीं करते।
क्रिया-कलाप-एक बीकर में ऐल्कोहॉल, ग्लूकोज आदि का विलयन लीजिए। एक कार्क पर दो कील लगाकर कॉर्क को बीकर में रख दीजिए। कीलों को 6 वोल्ट की एक बैटरी के दोनों टर्मिनलों के साथ एक बल्ब और स्विच के माध्यम से जोड़ दीजिए। अब विद्युत् धारा प्रवाहित कीजिए। आप देखेगें की विद्युत् चालन नहीं होता .
प्रश्न . आसवित जल विद्युत् चालन क्यों नहीं होता जबकि वर्षा जल होता है ? (HR. 2011, Set-C)
उत्तर- वर्षा जल में CO2, SO2 जैसी गैसें घुली होती है जो कार्बोनेट अम्ल, सल्फ़्यूरस अम्ल आदि बनती हैl इनका आयनों में विच्छेदन होता हैl इसलिए वर्षा जल में विद्युत का चालन होता हैl आसवित जल में घुलनशील लवण या गैसों नहीं होतीं इसलिए इसका आयनीकरण नहीं होता और इस में विद्युत का चालन नहीं होताl
प्रश्न . जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय क्यों नहीं होता है ?
उत्तर- जल किसी अम्ल के विच्छेदन में सहायक होता है जिस से हाइड्रोनियम ( H3O+ ) आयन उतपन्न होता हैl जल की अनुपस्थिति में आयन उतपन्न नहीं होते इसलिए जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यव्हार अम्लीय नहीं होताl
प्रश्न पाँच विलयनों A, B, C, D, E की जब सार्वत्रिक सूचक से जाँच की जाती है तो PH के मान क्रमशः 4,1, 11, 7 एवं 9 प्राप्त होते हैं। कौन-सा विलयन :
(A) उदासीन है ? (B) प्रबल क्षारीय है ? (C) प्रबल अम्लीय है ? (D) दुर्बल अम्लीय है ? (E) दुर्बल क्षारीय है ?
PH के मानों को हाइड्रोजन आयन की सांद्रता के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
उत्तर-
विलयन PH गुण
A 4 दुर्बल अम्लीय है
B 1 प्रबल अम्लीय है
C 11 प्रबल क्षारीय है
D 7 उदासीन है
E 9 दुर्बल क्षारीय है
आरोही क्रम में हाइड्रोजन आयन सांद्रता का PH मान
11 < 9 < 7 < 4 < 1
प्रश्न . परखनली ‘A’ एवं ‘B’ में समान लंबाई की मैग्नीशियम की पट्टी लीजिए। परखनली ‘A’ में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCI) तथा परखनली ‘B’ में ऐसीटिक अम्ल (CH,COOH) डालिए। किस परखनली में तेज़ी से बुदबुदाहट होगी और क्यों ?
उत्तर- दोनों में हाइड्रोजन गैस उतपन्न होती हैl जब धातु अम्ल के साथ क्रिया करती है तो लवण और हाइड्रोजन गैस उतपन्न होती हैl
धातु + अम्ल
→
लवण + हाइड्रोजन गैस
परखनली ‘A’ में अधिक तेज़ी से बुदबुदाहट होगीl ऐसा इसलिए कि हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एसिटिक अम्ल से प्रबल हैl मैग्नीशियम की क्रिया हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से तीव्र होगी और हाइड्रोजन गैस उतपन्न होगीl
Mg + 2HCl
→
MgCl2 + H2
प्रश्न .ताज़ा दूध के PH का मान 6 होता है। दही बन जाने पर इसके PH के मान में क्या परिवर्तन होगा ? अपना उत्तर समझाइए।
उत्तर- जब ताज़ा दूध दही में बदल जाता है तप pH कम होl जाएगा ऐसा इसलिए होगा कि दही अधिक अम्लीय होता हैl दही में लैक्टिक अम्ल होता हैl जितना अधिक अम्ल होगा उस का pH उतना ही कम होगाl
प्रश्न . एक ग्वाला ताजे दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाता है।
(A) ताज़ा दूध के PH के मान को 6 से बदल कर थोड़ा क्षारीय क्यों बना देता है ?
(B) इस दूध को दही बनने में अधिक समय क्यों लगता है ?
उत्तर- (A) ताज़ा दूध अम्लीय है और खट्टा हो कर अधिक अम्लीय हो जाता हैl बेकिंग सोडा की उपस्थिति में दूध क्षारीय हो जाएगा और जल्दी से खट्टा नहीं होगा क्योंकि क्षार दूध को शीघ्रता से अम्लीय बनने से रोक देगाl
(B) जब दूध दही में बदलता है लैक्टिक अम्ल बनने के कारण उसका PH कम हो जाता हैl क्षार की उपस्थिति इसे जल्दी से अधिक अम्लीय होने से रोकती है इसलिए दूध को दही बनने में अधिक समय लगता हैl
प्रश्न . प्लास्टर ऑफ पेरिस को आई-रोधी बर्तन में क्यों रखा जाना चाहिए ? इसकी व्याख्या कीजिए।
उत्तर- प्लास्टर ऑफ पेरिस है। नमी की उपस्थिति के कारण यह जिप्सम बन जाता है।
प्लास्टर ऑफ पेरिस जिप्सम
इसलिए इसे आर्द्र-रोधी बर्तन में रखा जाना चाहिए।
प्रश्न . उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है ? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर- जब अम्ल किसी क्षार से क्रिया करता है तब लवण और जल बनता है। इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं।
NaOH + HCl → NaCl + H20
(क्षार) (अम्ल) (लवण) (जल)
KOH + HNO3 → KNO3 + H2O
(क्षार) (अम्ल) (लवण) (जल)
प्रश्न . धोने का सोडा एवं बेकिंग सोडा के दो-दो उपयोग बताइए।
उत्तर- (क) धोने का सोडा Na2CO3.10H2O
1. इस का उपयोग कांच, साबुन और कागज उद्योगों में होता है।
2. जल की स्थाई कठोरता को दूर करने के लिए इस का उपयोग होता है।
(ख) बेकिंग सोडा (NaHC03)
1. इस का प्रयोग सोडा-अम्ल अग्निशामक में किया जाता है।
2. यह ऍटैसिड का एक संघटक है जो पेट के अम्ल की अधिकता को उदासीन करके राहत पहुंचाता है।

