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NCERT Solutions for Class 10 Science Chapter 3. धातु एवं अधातु. Metals and non metals.Class 10th science complete questions in hindi . class 10th science 3rd chapter all questions.

3। धातु और  अधातु

 यदि आप  10 वीं कक्षा  के छात्र हैं या किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं जिसमें विज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे तो आपको विज्ञान से संबंधित अधिक जानकारी होनी चाहिए। जो विद्यार्थी विज्ञान से संबंधित जानकारी ढूंढ रहा है उसके लिए इस पोस्ट में विज्ञान के कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर दिए गए हैं। प्रश्न  उत्तर अपडेट लगी तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें। 


1. स्थिरता क्या है?

उत्तर.धातुओं का वह गुण जिसके कारण उनके पतले और लंबे तार बनाए जाते हैं।

Q1. - धातु क्या है ?

उत्तर- धातुएँ वे तत्व होती है जो इलैक्ट्रान खोकर धनात्मक आयन बनाते है। धातु के बाह्यतम कोश मे सामान्यत: एक दो या तीन इलैक्ट्रान होते हैं। धातुऐ चमकिली होती है और ठोस होती है। धातु उष्मा तथा विधुत की सुचालक होती है।

Q2. - अधातु क्या है ?

उत्तर - अधातु वे तत्व है जो इलैक्ट्रान लेकर ऋणात्मक आयन बनाती है। अधातुऐं परमाणुओं के बाह्यतम कोश में पॉच, छः, सात तथा आठ इलैक्ट्रान होता है। केवल हाइड्रोजन तथा हीलियम को छोडकर के अधातु ठोस, द्रव्य और गैस तीनो होते है। यह सामान्य ऊष्मा तथा विदुयुत के कुचालक होते है। 


 

Q3. - खनिज क्या है ?

उत्तर - खनिज पृथ्वी के अन्दर पाए वाले वह प्राकृतिक पदार्थ है जिसमें धातुऐें के यौगिक पाये जाते है। जैसे मैग्निज, बाक्साइड आदि। 

Q4. - अयस्क क्या है ?

उत्तर - अयस्क वह खनिज होते हैं। जिनसे धातुओं का निष्कर्षण लाभप्रद हो और जिनमें धातु की मात्रा अधिक हो |

सभी अयस्क खनिज होती है। परन्तु सभी खनिज अयस्क नही होता है। वह खनिज जो सस्ते से सस्ते विधी से किसी तत्व को प्राप्त करते है वह तत्व का अयस्क कहलाता

है।

Q5. - गैंग किसे कहते है ?

उत्तर - पृथ्वी से प्राप्त खनिज अयस्कों में मिटटी, रेत आदि जैसे कई अशुद्धियाँ होती है जिन्हें गैंग कहते है। 

Q6. - धात्विक या धातुक्रम क्या है ?

उत्तर - अयस्क से धातुओं का निष्कर्षण करने तथा धातुओं को प्राप्त करने की प्रक्रिया को धात्विक या धातु क्रम कहते है । 

Q7. - निस्तापन क्या है ?

उत्तर - कार्बोनेट अयस्कों को वायु कि अनुपस्थिति में अयस्क को गर्म करके ऑक्साइड में परिवर्तित करना निस्तापन कहलाता है । 

Q8. - अयस्क का समृद्धिकरण क्या है ?

उत्तर - अयस्कों में से अंवाछनिय अशुद्धियों को दूर करने की प्राक्रिया को अयस्क का समृद्विकरण या साद्ररण कहते हैं । 

Q9. - भर्जन क्या है ?

उत्तर - सल्फाइड अयस्कों को वायु की उपस्थिति में गर्म करके ऑक्साइड में परिवर्तित करना भर्जन कहलाता है

Q10. - धातु परिष्करण क्या है ? धातु परिष्करण की कितनी विधियाँ है। 

उत्तर - अशुद्ध धातुओं को शुद्ध करना धातु परिष्करण कहलाता है। 

धातु परिष्करण की चार विधियाँ है ।

1. परिसमापन 

2. आसवन 

3. विद्युत अपघट्य परिष्करण 

4. जोन परिष्करण विधि                         

Q11. - धातु का सक्षांरण क्या है ?

उत्तर - धातु का सक्षांरण धातु के क्षय होने की एक धीमी प्रक्रिया है जो अपने आस-पास उपस्थिति वायु (अॅाक्सीजन) तथा नमी तथा प्रदूषको की क्रिया के कारण अपने ऊपर एक धातु ऑक्साइड की परत बना लेता है और जिससे धातु धीरे-धीरे क्षय होने लगता है | यही धातु का संक्षारण कहलाता है | लोहे मे जंग लगना लोहे के संक्षारण का एक उदाहरण है । 

Q12. - रंबड का वाल्वनीकरण क्या है ?

उत्तर - प्राकृतिक रंबड को सल्फर के साथ गर्म करने की प्रक्रिया को रबंड का वाल्वनीकरण कहते है | ऐसा उनके गुणों में सुधार करने के लिए किया जाता है । 


 

Q13. - अघातवर्ध्यता तथा तन्यता का क्या अभिप्राय है ? 

उत्तर -


 

अघातवर्ध्यता - धातुओं का वह गुण जिनसे उनकों हथौड़े से पीट कर पतली चादर बनाई जा सकती है । धातुओं के इस गुण को अघातवर्ध्यता कहते हैं । सोना तथा चॉदी सबसे अधिक अघातवर्ध्य धातुऐ हैं |

तन्यता - धातुओं का वह गुण जिनसे उनकों खीचकर पतली तार बनाया जा सकता है धातुओं के इस गुण को तन्यता कहते हैं । 

Q14. - मिश्रधातु क्या है ?

उत्तर - किसी धातु का अन्य धातु या अधातु के साथ समांगी मिश्रण को मिश्रधातु कहते हैं | उन्हे पिघली अवस्था मे रख कर प्राप्त किया जाता है । 

Q15. - धातुओं की संक्षारण रोकने की दो विधियो को लिखों। 

उत्तर -

1. रोधी विधि द्वारा - वायु तथा धातु के बीच में रोधी का परत लगाकर धातु का संक्षारण रोका जा सकता है। यह पेन्ट, वारनिस या टिन, कॉपर, क्रोनियम, निकेल का विद्युत लेपन करके किया जाता है।

2. उत्सर्ग विधि द्वारा - इस प्रक्रिया में जिंक की परत से उस तत्व को ढ़ककर उस धातु का संक्षारण रोका जा सकता हैं । इस प्रक्रिया को गैल्वीनीकरण (यशदलेपन) कहते है।

Q16. - यशद् लेपन या जस्तीकरण या  गैल्वीनीकरण किसे कहते है ?

उत्तर - किसी धातु पर जस्ता लेपन की प्रक्रिया को जस्तीकरण या गैल्वीनीकरण कहते है।

Q17. - अयस्क को समृधि करने की विधियो का वर्णन करो । 

उत्तर -

1. द्रव्य चालित ढुलाई - इस विधि का उपयोग आक्साइड अयस्क को समृद्ध करने के लिए किया जाता है । गैग कण समान्यता अयस्क कणों के सपेक्षा हल्के होते हैं। इस प्रक्रम मे संक्षालित एंव बारिक पीसेे हुऐ अयस्क को जल धारक द्वारा धुलाई करते है । जिसके फलस्वरूप हमे हल्के गेंग कण जल धारा के साथ बहने के उपरांत भारी अयस्क कण प्राप्त होते है ।

2. फेन प्लवन प्रक्रम - यह विधि विशेष रुप से कॉपर जिंक एंव लेड के सल्फाइड अयस्को को गैग से पृथक करने के लिए उपयोग मे लाई जाती है। इस प्रक्रम मे बारिक हुऐ अयस्क एक बडे टेक मे जल  के साथ मिश्रत करके कर्दम बना लेते है। तत्पश्चात उसमे चीड का तेल डालते है। इस कर्दम मे जब तीव्र गति से वायु प्रवाहित की जाती है तो उसके फलस्वरूप हल्का तेल फेन जिसमें प्रमुख्यता सल्फाइड अयस्क होता है। ऊपर उठ कर टैक की ऊपरी सतह पर मलफेन के रूप मे तैरता है। जिसे अपमलन करके सुखा लेते है। चूँकि अयस्क गेंग भारी होते है। इसलिए जल मे डुबोकर टैंक के तल पर जमा हो जाते है। 


3. विधुत चुम्बकिय पृथक्करण - इस विधी से चुम्बकिय अयस्कों अलग किया जाता है। चुम्बकिय पृथ्क्करण मे एक चमडे का पट्टा होता है जो दो रोलरो पर घूमता है जिसमे से एक रोलर विधुत चुम्बकीय होता है बारीक पिसे हुऐ अयस्क को घुमते हुऐ पटटे के एक सिरे पर डालते है। तो अयस्क का चुम्बकिय भाग , चुंबक से आकर्षित होकर उसके समीप एक ढेर के रूप में इक्कठा हो जाता बनाती हैं।

4. रासायनिक पृथ्क्करण - रासायनिक पृथ्क्करण प्रक्रम मे अयस्क एंव गैंग के रासायनिक गुणधर्मो के भिन्नता के आघार पर बानाने है, इस प्रक्रम से शुद्ध घातु प्राप्त कराने के लिए विभिन्न रासायनिक प्रक्रिया का उपयोग करते है।

Q17. -  अपचयन क्या हैं ?

उत्तर -  धातु यौगिको से धातुओं को प्राप्त करने के प्रक्रम को अपचयन कहते है।

2.अघातवर्ध्यता क्या है?

उत्तर.धातु का वह गुण जिसके कारण उन्हें पीट पतली चादरो में संशोधित किया जा सकता है।

3.  चालकता को  क्या कहते हैं  ?

उत्तर.धातुओं द्वारा उष्मा या विद्युत को गुजरने देना चालकता कहलाता है।

4. al क्या है।?

उत्तर.धर्मीकृत पदार्थो को खनिज कहते हैं। किस धातुओ में विभिन्न स्थितियों द्वारा प्राप्त की जा सकती है।

5.धातुओं धात्विक या धातुकर्म किसे कहते हैं?

उत्तर.धातुओं को उनके अयस्को से निकालना और उनका उपयोग करने के लिए शुद्ध ईंधन को धातुओं का कहना है।


6.अयस्क किसे कहते हैं?

उत्तर.जिसरल से धातु प्राप्त करना सरल और आर्थिक रूप से लाभदायक हो उसे ऐसे कहते हैं।

7.गैंग तू कहता है।?

उत्तर.पृथ्वी से निकाले गए अयस्को के साथ वांछित पदार्थ गैंग कहलाते है।

8. भाईजान को क्या कहते हैं।?

उत्तर.सँद्रित अयस्को को वायु में गर्म करके ऑक्साइडो में बदलने की प्रक्रिया को भृंग कहते हैं।

9.अपचयन क्या है?

उत्तर.धातुओं को यौगिकों से प्राप्त करने की प्रक्रिया है।

10. परिष्करण करने  वाले कहते हैं।?

उत्तर.अशुद्ध धातु से विशुद्ध धातु प्राप्त करने की प्रक्रिया को परिष्करण कहते हैं।

11.मिश्र धातु किसे कहते हैं।?

उत्तर। किसी धातु के किसी अन्य धातु या अधातु के साथ मिश्रण को मिश्र धातु कहते हैं।

12. अपररूपता किसे कहते हैं।?

उत्तर। जिस गुण के कारण अधातुएं में विभिन्न रूपों में पाया जाता है। उन्हें अपरूपता कहते हैं।

13. वल्कनीकरण किसे कहते हैं।?

उत्तर। सल्फर को प्राकृतिक रबड़ के साथ मिश्रित करने की प्रक्रिया वल्कनीकरण कहलाती आती है।

14.धातुमल किसे कहते हैं।?

उत्तर। गैंग और प्रदेष के पारस्परिक पर मिलने के फल स्वरूपुप प्राप्त पदार्थ धातुमल कहलाता है।

15. प्रदर्क को कहते हैं।?

उत्तर.गैंग को द्र्विनीय पदार्थ में बदलकर धातु से अलग करने के लिए प्रयोग में लाया गया पदार्थ प्रदर्क कहलाता है।

16.निस्तापन क्या है।?

उत्तर.अयस्क को वायु की उपस्थिति में गर्म करने का प्रक्रम निस्तापन कहलाता है।

17. सर्पालन किसे कहते हैं।?

उत्तर.फड़नित अयस्क में डालकर सहित वात्याभट्टी में प्रगलित कर धातुमल तैयार करने का प्रक्रम प्रगलन कहलाता है।

18. धातुएँ क्या है।?

उत्तर.धातुएं वे तत्त्व है। जो इलेक्ट्रॉन खाकर धमनी बनाते हैं।

19. अधातु क्या है?

उत्तर। अधातु तत्व है। जो इलेक्ट्रॉन प्राप्त कर ऋणआवेदन करता है।

20.धातु विज्ञान धातुकर्म को कहते हैं।?

उत्तर.अयस्क से लेकर शुद्धिकरण तक की प्रक्रिया को धात्विक स्टील कहते हैं।


21. कैनरास तू कहता है।?

उत्तर। जब मिश्र धातु में पारा एक भाग के रूप में प्रयुक्त किया गया हो तो उसे स्वरूप कहते हैं।

22.धातुक्षय किसे कहते हैं।?

उत्तर। किसी धातु की सतह के वायुमंडल, पानी या किसी अन्य पदार्थ से प्रभावित होने वाले धातुक्षय कहते हैं।

23. अर्न्नी धातुएं कहेंगे।?

उत्तर.वे धातु जो देश की अर्थव्यवस्था और रक्षा के लिए आवश्यक मानी जाती है। उनमें स्पर्श धातुए हैं।

24.विद्युत धात्विक तत्व किसे कहते हैं?

उत्तर.वे तत्व जो इलेक्ट्रॉन खो कर धरिक आवेश युक्त बनाते हैं। उन्हें विद्युत धात्विक तत्व कहते हैं।

25.विद्युत ऋणात्मक तत्व किसे कहते हैं?

उत्तर.वे तत्व जो इलेक्ट्रॉन प्राप्त कर ऋणआत्मक आयन बनाते हैं. उन्हें विद्युत ऋणआत्मक तत्व कहते हैं.


26.अभिक्रियाशीलता श्रेणी किसे कहते हैं.?

उत्तर.धातुएं को उनकी घटती हुई अभिक्रिया शीलता के क्रम में एक खड़े स्तंभ में व्यवस्थित करने को धातुओ की अभिक्रियाशीलता श्रेणी कहते हैं.

27.विस्थापन अभिक्रिया किसे कहते हैं.?

उत्तर. अधिक क्रियाशीलता धातु कम क्रियाशील धातु को उसके लवण से विस्थापित करने वाली क्रियाओं को विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं.

28.उत्प्रेरक किसे कहते हैं.?

उत्तर.वह पदार्थ जो समय क्रिया में भाग न लेते हुए रासायनिक अभिक्रिया की दर को बढ़ाते या घटाते हैं. उन्हें उत्प्रेरक कहते हैं.

29.वर्धक किसे कहते हैं.?

उत्तर. उत्प्रेरकों की क्षमता बढ़ाने बालों को वर्धक कहते हैं.

30. श्रृंखलन किसे कहते हैं.?

उत्तर. समान परमाणुओं के द्वारा आबंध बनाने की विशेष क्षमता श्रृंखलन कहलाती है.


पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न (Textual Questions)


प्रश्न . ऐसी धातु का उदाहरण दें जो

(I) कमरे के तापमान पर द्रव होती है।

(Ii) चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।

(Iii) ऊष्मा की सबसे अच्छी चालक होती है।

(Iv) ऊष्मा का कुचालक होती है।

उत्तर- (I) पारा

(Ii) सोडियम

(Iii) चाँदी

(Iv) सीसा (लेड)


प्रश्न .आघातवर्थ्य तथा तन्य का अर्थ बताइए।

उत्तर- आघातवर्थ्य-धातुओं का वह गुण जिसके द्वारा उन्हें पीट कर पतली चादरों में बदला जा सकता है।सोना और चाँदी सबसे ज्यादा आघातवर्ध्य धातुएँ हैंl

तन्य-धातुओं का वह गुण जिसके कारण उनके लंबे एवं पतले तार बनाए जाते हैं।


प्रश्न. सोडियम को केरोसिन तेल में डुबोकर क्यों रखा जाता है ?

उत्तर- सोडियम ओर पोटैशियम अत्यधिक क्रियाशील धातु है,ये वायु के साथ अभिक्रिया कर आसानी से आग पकड लेते है इसलिए सोडियम को केरोसिन में डुबोकर रखा जाता हैं|


प्रश्न . इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखें (I) भाप के साथ आयरन (Ii) जल के साथ कैल्सियम तथा पोटाशियम।

उत्तर-  (I) BFe(S) + 4H2O(G) = Fe3O4. + 4H_1 ,


(Ii) Ca (S) + 2H2O (L) = Ca (OH)2 +H2


प्रश्न A, B, C एवं D चार धातुओं के नमूनों को लेकर एक-एक करके निम्न विलयन में डाला गया। इससे प्राप्त परिणाम को निम्न प्रकार से सारणीबद्ध किया गया है

धातु लोहा II सल्फेट कॉपर (II) सल्फेट जिंक सल्फेट सिल्वर नाइट्रेट

A कोई अभिक्रिया नहीं विस्थापन

B विस्थापन कोई अभिक्रिया नहीं

C कोई अभिक्रिया नहीं कोई अभिक्रिया नहीं कोई अभिक्रिया नहीं विस्थापन

D कोई अभिक्रिया नहीं कोई अभिक्रिया नहीं कोई अभिक्रिया नहीं कोई अभिक्रिया नहीं

इस सारणी का उपयोग कर धातु A, B, C एवं D के संबंध में निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए (I) सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु कौन-सी है ?

(Ii) धातु B को कॉपर

(II) सल्फेट के विलयन में डाला जाए तो क्या होगा ?

(Iii) धातु A, B, C एवं D को अभिक्रियाशीलता के घटते हुए क्रम में व्यवस्थित करें।


उत्तर- (I) धातु (B) सर्वाधिक अभिक्रियाशील है, क्योंकि कोई अन्य धातु FeSO4 ( आयरन सल्फ़ेट ) में से धातु को विस्थापित नहीं कर सकतीl

(Ii) धातु (B) सर्वाधिक अभिक्रियाशील हैl इसलिए यदि धातु को कॉपर (II) सल्फ़ेट के विलयन में डाला जाए तो यह कॉपर को उसके विलयन से विस्थापित कर देगा और विलयन का नीला रंग फीका पड़ जाएगाl

(Iii) B > A > C > D


प्रश्न . अभिक्रियाशील धातु को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डाला जाता है तो कौन-सी गैस उत्सर्जित होती है ? आयरन के साथ तनु H2 SO4 की रासायनिक अभिक्रिया लिखें।

उत्तर–किसी तनु अम्ल से क्रिया करने के पश्चात कोई धातु हाइड्रोजन गैस उतपन्न करती है सभी धातुएं तनु अम्लों से क्रिया नहीं करती पर जो धातुएं यह क्रिया नहीं करती हैं वे अम्ल में हाइड्रोजन को पुनर्स्थापित कर लवण तैयार करती हैंl

Fe + H2SO4 → FeSO4 + H2


प्रश्न . जिंक को आयरन (II) सल्फेट के विलयन में डालने से क्या होगा ? इसकी रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।

उत्तर-  जब जिंक को आयरन (II) सल्फेट के घोल में डाला जाता है तो जिंक आयरन सल्फेट के घोल से आयरन को विस्थापित कर देती है।


Zn (S) + FeSO4 (Aq) → Fe (S) + ZnSO4 (Aq)


इस कारण से होता है क्योंकि लोहा ज़िंक से कम सक्रिय है


प्रश्न. (I) सोडियम, ऑक्सीजन एवं मैग्नीशियम के लिए इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना लिखिए।

(Ii) इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण के दवारा Na2O एवं MgO की संरचना को दर्शाइए

(Iii) इन यौगिकों में कौन-से आयन उपस्थित हैं ?

उत्तर- (I) सोडियम Na.

ऑक्सीजन 0:

मैग्नीशियम Mg :

(Ii) Na2O की संरचना

(Iii) Na2O यौगिकों में Na+ आयन तथा O2- आयन हैl

MgO यौगिकों में Mg2+ आयन तथा O2- आयन हैl


प्रश्न .आयनिक यौगिकों का गलनांक उच्च क्यों होता है ?

उत्तर- आयनिक यौगिक में परस्पर आयनिक आकर्षण बहुत ही ज्यादा शक्तिशाली होता है | इस शक्तिशाली बंध को तोड़ने के लिए अत्याधिक ऊर्जा आवश्यक होती है | अतः इनका गलनांक उच्च होता है ।


प्रश्न. इन पदार्थों की परिभाषा दें।

(I) खनिज

(Ii) अयस्क

(Iii) गैंग

उत्तर- (I) खनिज वे पदार्थ होते है जिनमे धातुएँ अपने यौगिक के रूप में पाई जाती है |

(Ii) ऐसे खनिज जिनमे धातुओ का निष्कर्षण अत्याधिक सरल व उपयुक्त होता है , अयस्क कहलाते है |

(Iii) पृथ्वी से निकले गए अयस्कों में बहुत सी अशुद्धियाँ होती हैl इन अशुद्धियों को गैंग कहते हैl


प्रश्न . दो धातुओं के नाम बताइए जो प्रकृति में स्वतंत्र अवस्था में पाए जाते हैं।

उत्तर- सोना (Au) एवं प्लैटिनम (Pt) प्रकृति में स्वतंत्र अवस्था में पाए जाते हैं।


प्रश्न .धातु को उसके ऑक्साइड से प्राप्त करने के लिए किस रासायनिक प्रक्रिया का प्रयोग किया जाता है ?

उत्तर- सक्रियता श्रेणी में निम्न स्थित धातु ऑक्साइडों को गर्म करने से धातु की प्राप्ति हो जाती है। लेकिन सक्रियता श्रेणी के मध्य में स्थित धातुओं के ऑक्साइडों को कार्बन के साथ गर्म करके धातु प्राप्त की जाती है। इसे । अपचयी क्रिया कहते हैं।


प्रश्न 1. जिंक मैग्नीशियम एवं कॉपर के धात्विक ऑक्साइड को निम्न धातुओं के साथ गर्म किया गया :


धातु जिंक मैग्नीशियम कॉपर

जिंक ऑक्साइड

मैग्नीशियम ऑक्साइड

कॉपर ऑक्साइड

किस स्थिति में विस्थापन अभिक्रिया घटित होगी ?


उत्तर- (I) जिंक ऑक्साइड तथा मैग्नीशियम में विस्थापन अभिक्रिया होगी।

ZnO + Mg → MgO + Zn

(Ii) मैग्नीशियम ऑक्साइड विस्थापन अभिक्रिया नहीं कर सकता।

(Iii) कॉपर ऑक्साइड जिंक और मैग्नीशियम के साथ गर्म करने पर विस्थापन अभिक्रिया करेगा।

CuO + Zn → ZnO + Cu

CuO + Mg → Cu + MgO


प्रश्न . कौन-सी धातु आसानी से संक्षारित नहीं होती ?

उत्तर- सोना एवं प्लैटिनम।


प्रश्न . मिश्रधातु क्या होते हैं ?


उत्तर- दो या दो से अधिक धातुओ के समांगी मिश्रण को मिश्रातु कहते है |


अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न . निम्नलिखित में से कौन-सा युगल विस्थापन अभिक्रिया प्रदर्शित करता है ?

(A) NaCl विलयन एवं कॉपर धातु

(B) MgCI2 विलयन एवं एलुमीनियम धातु

(C) FeSO4 विलयन एवं सिल्वर धातु

(D) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु

उत्तर- (D) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु


प्रश्न . लोहे के फ्राईंग पैन को जंग से बचाने के लिए निम्न में से कौन-सी विधि उपयुक्त है ?

(A) ग्रीज़ लगाकर

(B) पेंट लगाकर

(C) जिंक की परत लगाकर

(D) ऊपर के सभी।

उत्तर- (C) जिंक  की परत चढ़ाकर


प्रश्न . कोई धातु ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर उच्च गलनांक वाला यौगिक निर्मित करती है। यह यौगिक जल में विलेय है। यह तत्व क्या हो सकता है ?

(A) कैल्सियम

(B) कार्बन

(C) सिलिकॉन

(D) लोहा।

उत्तर- (A) कैल्सियम


प्रश्न . खाद्य पदार्थों के डिब्बों पर जिंक की बजाए टिन का लेप होता है क्योंकि

(A) टिन की अपेक्षा जिंक महंगा है।

(B) टिन की अपेक्षा जिंक का गलनांक अधिक है।

(C) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है।

(D) टिन की अपेक्षा जिंक कम अभिक्रियाशील है।

उत्तर- (C) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है


प्रश्न .आपको एक हथौड़ा, बैटरी, बल्ब, तार एवं स्विच दिया गया है।

(A) इनका उपयोग कर धातुओं एवं अधातुओं के नमूनों के बीच आप विभेद कैसे कर सकते हैं ?

(B) धातुओं एवं अधातुओं में विभेदन के लिए इन परीक्षणों की उपयोगिता का अवलोकन करें।

उत्तर- (A) (I) हथौड़े से पीटकर  – धातु की पतली चादर प्राप्त होती है | जबकि आधातु भंगुर होती है अतः छोटे – छोटे टुकड़ो में बिखर जाएगी

(Ii) सभी उपकरणों को दर्शाए गए चित्र के अनुसार जोड़ लेंl लिए गए नमूनों को क्लिप्स के बीच में रखें और स्विच ‘ऑन’ करेंl यदि बल्ब जलता है तो नमूना धातु है क्योंकि धातु विद्युत् का सुचालक होते हैं और यदि बल्ब नहीं जला तो लिया गया नमूना अधातु है क्यूंकि अधातु विद्युत् के कुचालक होते हैंl


(B) लोहे के आघातवर्ध्य होने के कारण, एवं लगभग सभी धातुओं के आघातवर्ध्य गुण के कारण उन्हें पतली चादर के रूप में बदल कर विभिन्न कामों के लिए प्रयोग में लाया जा सकता हैl जैसे लोहे का प्रयोग बक्से एवं संदूक बनाने में किया जाता हैl


धातुएँ विद्युत कि सुचालक होती हैंl इसी गुण के कारण कॉपर एवं ऐलुमिनियम को विद्युत के संचालन के लिए प्रयोग किया जाता हैl


प्रश्न . उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं ? दो उभयधर्मी आक्साइडों का उदाहरण दें।

उत्तर- जो धातु ऑक्साइड अम्लीय और क्षारीय दोनों प्रकार के व्यवहार प्रकट करते हैं उन्हें उभयधर्मी ऑक्साइड कहते हैं।


उदाहरण: ऐलुमिनियम ऑक्साइड (Al2O3)  ज़िंक ऑक्साइड (ZnO)

(I) Al2O3 + 6HCl → 2AlCl3 + 3H2O  ( क्षारीय व्यवहार )

Al2O3 + 2NaOH → 2NaAlO2 + H2O  ( अम्लीय व्यवहार )


(Ii) ZnO + 2HCl → ZnCl2 + H2O  ( क्षारीय व्यवहार )

ZnO + 2NaOH → Na2ZnO2 + H2O  ( अम्लीय व्यवहार )


प्रश्न. दो धातुओं के नाम बताएँ जो तनु अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देंगे तथा दो धातुएं जो ऐसा नहीं कर सकती हैं।

उत्तर- (I) ज़िंक (Zn) तथा लोहा (Fe) हाइड्रोजन से अधिक अभिक्रियाशील होने के कारण उसे तनु अम्ल से विस्थापित कर सकते हैंl

(Ii) कॉपर (Cu) तथा पारा (Hg) हाइड्रोजन से कम अभिक्रियाशील होने के कारण ऐसा नहीं कर सकतेl


प्रश्न 8. किसी धातु M के विद्युत् अपघटनी परिष्करण में आप एनोड-कैथोड एवं विद्युत् अपघट्य किसे बनाएँगे ?

उत्तर-एनोड-धातु M की अशुद्ध मोटी प्लेट।

कैथोड-धातु M की शुद्ध पतली प्लेट।

अपघट्य-धातु M का जल में घुलनशील विलयन।


प्रश्न . प्रत्यूष ने सल्फर चूर्ण को स्पेचुला में लेकर उसे गर्म किया तथा परखनली को उल्टाकर उसने उत्सर्जित गैस को एकत्र किया।

(A) गैस की क्रिया क्या होगी ?

(I) सूखे लिटमस पत्र पर

(Ii) आर्द्र लिटमस पत्र पर।

(B) ऊपर की अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।

उत्तर- ( A ) सल्फ़र जलने पर सल्फर डाईऑक्साइड उतपन्न करता है


S (S) + O2 → SO2


(I) सूखे लिटमस पत्र पर गैस की कोई भी क्रिया नहीं होगीl


(Ii) सल्फ़र एक अधातु है और अधातु की प्रकृति अम्लीय होती है गैस गैस आर्द्र लिटमस पत्र में मौजूद जल के साथ अभिक्रिया क्र सल्फ्यूरिक अम्ल उतपन्न करेगी जो नीले लिटमस पत्र का रंग लाल कर देगाl


(B) SO2 (G) + H2O → H2SO3 (Aq)


प्रश्न .लोहे को जंग से बचाने के लिए दो तरीके बताएं उत्तर-जंग से बचाने के तरीके

उत्तर- 1. तेल या ग्रीस की तह जमाकर- यदि लोहे पर तेल या ग्रीस की तह जमा दें तो नम वायु लोहे के संपर्क में नहीं आ पाती जिससे जंग नहीं लगता मशीनों के पुर्जों पर ऐसा ही किया जाता है

2. एनेमल से- लोहे की सतह पर रंग-रोगन की तह जमाकर जंग लगने पर नियंत्रण पाया जाता है बसों, कारों, स्कूटर-मोटर साइकिल, खिड़कियों, रेलगाड़ियों आदि पर एनेमल की तह ही जमाई जाती है


प्रश्न .ऑक्सीजन के साथ संयुक्त होकर अधातु कैसा ऑक्साइड बनाते हैं ?

उत्तर- अधातुएं ऑक्सीजन से संयोग करके दो प्रकार के ऑक्साइड बनाती हैं अम्लीय और उदासीन

(I) अम्लीय ऑक्साइड– अधातुएँ ऑक्सीजन से संयोग करके सह-संयोजक ऑक्साइड बनाती हैं जो पानी में घुलकर अम्ल बनाते हैंl


(A) C + O2 → CO2

CO2 + H2O → H2CO3 (कार्बोनिक अम्ल)

(B) S + O2 → SO2

SO2 + H2O → H2SO3


(Ii) उदासीन ऑक्साइड– कुछ अधातुएँ ऑक्सीजन से संयोग करके उदासीन ऑक्साइड बनाती हैंl इन पर लिटमस पेपर का कोई प्रभाव नहीं होता है जैसे- कार्बन मोनो-ऑक्साइड (CO), पानी (H2O) तथा नाइट्रस ऑक्साइड (NO2) उदासीन ऑक्साइड हैंl


प्रश्न. कारण बताएँ

(A) प्लैटिनम, सोना एवं चाँदी का उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है

(B) सोडियम, पोटैशियम एवं लीथियम को तेल के अंदर संग्रहित किया जाता है

(C) एलुमिनियम अत्यंत अभिक्रियाशील धातु है फिर भी इसका उपयोग खाना बनाने वाले बर्तन बनाने में किया जाता है

(D) निष्कर्षण प्रक्रम में कार्बोनेट एवं सल्फाइड अयस्क को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है

उत्तर- (A) प्लैटिनम, सोना एवं चांँदी चमकदार धातुए है एवं संक्षारित भी नहीं होती है अतः इनका उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है।

(B) सोडियम, पोटैशियम एवं लिथियम अत्यधिक अभिक्रियाशील है ये ऑक्सीजन के साथ मिलकर ऑक्साइड बनाते हैं तथा जल के संपर्क में आने पर जल जाते हैं इसलिए इन्हे बचाने के लिए तेल में डुबोकर रखा जाता हैl

(C) एलुमिनियम एक शक्तिशाली एवं सस्ता धातु है .ऐलुमिनियम के बर्तन आसानी से संक्षारित नहीं होते अतः यह ऊष्मा के सुचालक है

(घ) धातुओ को उनके ऑक्साइड से पृथक करना ज्यादा आसान प्रक्रिया है अतः निष्कर्षण प्रक्रम में कार्बोनेट एवं सल्फाइड अयस्क को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है।


प्रश्न .आपने तांबे के मलीन बर्तन को नींबू या इमली के रस से साफ करते अवश्य देखा होगा। ये खट्टे पदार्थ बर्तन को साफ करने में प्रभावी क्यों हैं ?

उतर- खट्टे पदार्थों में सिट्रिक अम्ल पाया जाता है तांबे के बर्तनों पर हरे रंग की परत कॉपर कार्बोनेट जमा हो जाती है  इसलिए कॉपर कार्बोनेट जो प्रकिति में क्षारीय होता है यह नींबू के जूस के साथ घुल जाता है जो प्रकृति में अम्लीय होता है जिससे वह उदासीन हो जाता है और बर्तन साफ़ हो जाते है |


प्रश्न . रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर धातु एवं अधातु में विभेद करें।

उत्तर-  धातु के रासायनिक गुणधर्म :

(I) धातुए क्षारकीय ऑक्साइड बनाती है |

(Ii) धातु अपचायक होती है |

(Iii) धातुए जल से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देती है |


अधातु के रासायनिक गुणधर्म :

(I) अधातुए अम्लीय या उदासीन ऑक्साइड बनाती है |

(Ii) अधातु उपचायक होती है |

(Iii) अधातुए जल से हाइड्रोजन को विस्थापित नहीं कर पाती है


प्रश्न . एक व्यक्ति प्रत्येक घर में सुनार बनकर जाता है। उसने पुराने एवं मलीन सोने के आभूषणों में पहले जैसी चमक पैदा करने का ढोंग रचा है। कोई संदेह किये बिना ही एक महिला अपने सोने के कंगन उसे देती है जिसे वह एक विशेष विलयन में डाल देता है। कंगन नये की तरह चमकने लगते हैं लेकिन उनका वज़न बहुत कम हो जाता है। वह महिला बहुत दुःखी होती है तथा तर्क-वितर्क के पश्चात् उस व्यक्ति को झुकना पड़ता है। एक जासूस की तरह क्या आप उस विलयन की प्रकृति के बारे में बता सकते हैं ?

उत्तर- सुनार द्वारा प्रयोग किया गया विलयन, एक्वारीजिया हैl एक्वारीजिया एक लैटिन का शब्द है जिसका मतलब है ‘रॉयल वाटर’l इसमें तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एवं नाइट्रिक अम्ल, 3 : 1 के अनुपात में होता हैl एक्वारीजिया सोना और प्लैटिनम को घोलने में समृद्ध है इसलिए महिला के कंगन का भार कम हो जाता हैl


प्रश्न। गर्म जल का टैंक बनाने में तांबा का प्रयोग होता है लेकिन बुटाल (लोहे का मिश्र धातु) का नहीं इसका कारण बताओ।

उत्तर- तांबा ऊष्मा का अच्छा सुचालक है और यह गर्म जल के साथ अभिक्रिया नहीं करता है इसके विपरीत लौह गर्म जल के साथ आभिक्रिया करता है।

3 एफ (एस) + 4 एच 2 ओ → फे 3 ओ 4 (एस) + 4 एच 2 (जी)


3। धातु और  अधातु

 यदि आप  10 वीं कक्षा  के छात्र हैं या किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं जिसमें विज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे तो आपको विज्ञान से संबंधित अधिक जानकारी होनी चाहिए। जो विद्यार्थी विज्ञान से संबंधित जानकारी ढूंढ रहा है उसके लिए इस पोस्ट में विज्ञान के कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर दिए गए हैं। प्रश्न  उत्तर अपडेट लगी तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें। 


1. स्थिरता क्या है?

उत्तर.धातुओं का वह गुण जिसके कारण उनके पतले और लंबे तार बनाए जाते हैं।

Q1. - धातु क्या है ?

उत्तर- धातुएँ वे तत्व होती है जो इलैक्ट्रान खोकर धनात्मक आयन बनाते है। धातु के बाह्यतम कोश मे सामान्यत: एक दो या तीन इलैक्ट्रान होते हैं। धातुऐ चमकिली होती है और ठोस होती है। धातु उष्मा तथा विधुत की सुचालक होती है।

Q2. - अधातु क्या है ?

उत्तर - अधातु वे तत्व है जो इलैक्ट्रान लेकर ऋणात्मक आयन बनाती है। अधातुऐं परमाणुओं के बाह्यतम कोश में पॉच, छः, सात तथा आठ इलैक्ट्रान होता है। केवल हाइड्रोजन तथा हीलियम को छोडकर के अधातु ठोस, द्रव्य और गैस तीनो होते है। यह सामान्य ऊष्मा तथा विदुयुत के कुचालक होते है। 


 

Q3. - खनिज क्या है ?

उत्तर - खनिज पृथ्वी के अन्दर पाए वाले वह प्राकृतिक पदार्थ है जिसमें धातुऐें के यौगिक पाये जाते है। जैसे मैग्निज, बाक्साइड आदि। 

Q4. - अयस्क क्या है ?

उत्तर - अयस्क वह खनिज होते हैं। जिनसे धातुओं का निष्कर्षण लाभप्रद हो और जिनमें धातु की मात्रा अधिक हो |

सभी अयस्क खनिज होती है। परन्तु सभी खनिज अयस्क नही होता है। वह खनिज जो सस्ते से सस्ते विधी से किसी तत्व को प्राप्त करते है वह तत्व का अयस्क कहलाता

है।

Q5. - गैंग किसे कहते है ?

उत्तर - पृथ्वी से प्राप्त खनिज अयस्कों में मिटटी, रेत आदि जैसे कई अशुद्धियाँ होती है जिन्हें गैंग कहते है। 

Q6. - धात्विक या धातुक्रम क्या है ?

उत्तर - अयस्क से धातुओं का निष्कर्षण करने तथा धातुओं को प्राप्त करने की प्रक्रिया को धात्विक या धातु क्रम कहते है । 

Q7. - निस्तापन क्या है ?

उत्तर - कार्बोनेट अयस्कों को वायु कि अनुपस्थिति में अयस्क को गर्म करके ऑक्साइड में परिवर्तित करना निस्तापन कहलाता है । 

Q8. - अयस्क का समृद्धिकरण क्या है ?

उत्तर - अयस्कों में से अंवाछनिय अशुद्धियों को दूर करने की प्राक्रिया को अयस्क का समृद्विकरण या साद्ररण कहते हैं । 

Q9. - भर्जन क्या है ?

उत्तर - सल्फाइड अयस्कों को वायु की उपस्थिति में गर्म करके ऑक्साइड में परिवर्तित करना भर्जन कहलाता है

Q10. - धातु परिष्करण क्या है ? धातु परिष्करण की कितनी विधियाँ है। 

उत्तर - अशुद्ध धातुओं को शुद्ध करना धातु परिष्करण कहलाता है। 

धातु परिष्करण की चार विधियाँ है ।

1. परिसमापन 

2. आसवन 

3. विद्युत अपघट्य परिष्करण 

4. जोन परिष्करण विधि                         

Q11. - धातु का सक्षांरण क्या है ?

उत्तर - धातु का सक्षांरण धातु के क्षय होने की एक धीमी प्रक्रिया है जो अपने आस-पास उपस्थिति वायु (अॅाक्सीजन) तथा नमी तथा प्रदूषको की क्रिया के कारण अपने ऊपर एक धातु ऑक्साइड की परत बना लेता है और जिससे धातु धीरे-धीरे क्षय होने लगता है | यही धातु का संक्षारण कहलाता है | लोहे मे जंग लगना लोहे के संक्षारण का एक उदाहरण है । 

Q12. - रंबड का वाल्वनीकरण क्या है ?

उत्तर - प्राकृतिक रंबड को सल्फर के साथ गर्म करने की प्रक्रिया को रबंड का वाल्वनीकरण कहते है | ऐसा उनके गुणों में सुधार करने के लिए किया जाता है । 


 

Q13. - अघातवर्ध्यता तथा तन्यता का क्या अभिप्राय है ? 

उत्तर -


 

अघातवर्ध्यता - धातुओं का वह गुण जिनसे उनकों हथौड़े से पीट कर पतली चादर बनाई जा सकती है । धातुओं के इस गुण को अघातवर्ध्यता कहते हैं । सोना तथा चॉदी सबसे अधिक अघातवर्ध्य धातुऐ हैं |

तन्यता - धातुओं का वह गुण जिनसे उनकों खीचकर पतली तार बनाया जा सकता है धातुओं के इस गुण को तन्यता कहते हैं । 

Q14. - मिश्रधातु क्या है ?

उत्तर - किसी धातु का अन्य धातु या अधातु के साथ समांगी मिश्रण को मिश्रधातु कहते हैं | उन्हे पिघली अवस्था मे रख कर प्राप्त किया जाता है । 

Q15. - धातुओं की संक्षारण रोकने की दो विधियो को लिखों। 

उत्तर -

1. रोधी विधि द्वारा - वायु तथा धातु के बीच में रोधी का परत लगाकर धातु का संक्षारण रोका जा सकता है। यह पेन्ट, वारनिस या टिन, कॉपर, क्रोनियम, निकेल का विद्युत लेपन करके किया जाता है।

2. उत्सर्ग विधि द्वारा - इस प्रक्रिया में जिंक की परत से उस तत्व को ढ़ककर उस धातु का संक्षारण रोका जा सकता हैं । इस प्रक्रिया को गैल्वीनीकरण (यशदलेपन) कहते है।

Q16. - यशद् लेपन या जस्तीकरण या  गैल्वीनीकरण किसे कहते है ?

उत्तर - किसी धातु पर जस्ता लेपन की प्रक्रिया को जस्तीकरण या गैल्वीनीकरण कहते है।

Q17. - अयस्क को समृधि करने की विधियो का वर्णन करो । 

उत्तर -

1. द्रव्य चालित ढुलाई - इस विधि का उपयोग आक्साइड अयस्क को समृद्ध करने के लिए किया जाता है । गैग कण समान्यता अयस्क कणों के सपेक्षा हल्के होते हैं। इस प्रक्रम मे संक्षालित एंव बारिक पीसेे हुऐ अयस्क को जल धारक द्वारा धुलाई करते है । जिसके फलस्वरूप हमे हल्के गेंग कण जल धारा के साथ बहने के उपरांत भारी अयस्क कण प्राप्त होते है ।

2. फेन प्लवन प्रक्रम - यह विधि विशेष रुप से कॉपर जिंक एंव लेड के सल्फाइड अयस्को को गैग से पृथक करने के लिए उपयोग मे लाई जाती है। इस प्रक्रम मे बारिक हुऐ अयस्क एक बडे टेक मे जल  के साथ मिश्रत करके कर्दम बना लेते है। तत्पश्चात उसमे चीड का तेल डालते है। इस कर्दम मे जब तीव्र गति से वायु प्रवाहित की जाती है तो उसके फलस्वरूप हल्का तेल फेन जिसमें प्रमुख्यता सल्फाइड अयस्क होता है। ऊपर उठ कर टैक की ऊपरी सतह पर मलफेन के रूप मे तैरता है। जिसे अपमलन करके सुखा लेते है। चूँकि अयस्क गेंग भारी होते है। इसलिए जल मे डुबोकर टैंक के तल पर जमा हो जाते है। 


3. विधुत चुम्बकिय पृथक्करण - इस विधी से चुम्बकिय अयस्कों अलग किया जाता है। चुम्बकिय पृथ्क्करण मे एक चमडे का पट्टा होता है जो दो रोलरो पर घूमता है जिसमे से एक रोलर विधुत चुम्बकीय होता है बारीक पिसे हुऐ अयस्क को घुमते हुऐ पटटे के एक सिरे पर डालते है। तो अयस्क का चुम्बकिय भाग , चुंबक से आकर्षित होकर उसके समीप एक ढेर के रूप में इक्कठा हो जाता बनाती हैं।

4. रासायनिक पृथ्क्करण - रासायनिक पृथ्क्करण प्रक्रम मे अयस्क एंव गैंग के रासायनिक गुणधर्मो के भिन्नता के आघार पर बानाने है, इस प्रक्रम से शुद्ध घातु प्राप्त कराने के लिए विभिन्न रासायनिक प्रक्रिया का उपयोग करते है।

Q17. -  अपचयन क्या हैं ?

उत्तर -  धातु यौगिको से धातुओं को प्राप्त करने के प्रक्रम को अपचयन कहते है।

2.अघातवर्ध्यता क्या है?

उत्तर.धातु का वह गुण जिसके कारण उन्हें पीट पतली चादरो में संशोधित किया जा सकता है।

3.  चालकता को  क्या कहते हैं  ?

उत्तर.धातुओं द्वारा उष्मा या विद्युत को गुजरने देना चालकता कहलाता है।

4. al क्या है।?

उत्तर.धर्मीकृत पदार्थो को खनिज कहते हैं। किस धातुओ में विभिन्न स्थितियों द्वारा प्राप्त की जा सकती है।

5.धातुओं धात्विक या धातुकर्म किसे कहते हैं?

उत्तर.धातुओं को उनके अयस्को से निकालना और उनका उपयोग करने के लिए शुद्ध ईंधन को धातुओं का कहना है।


6.अयस्क किसे कहते हैं?

उत्तर.जिसरल से धातु प्राप्त करना सरल और आर्थिक रूप से लाभदायक हो उसे ऐसे कहते हैं।

7.गैंग तू कहता है।?

उत्तर.पृथ्वी से निकाले गए अयस्को के साथ वांछित पदार्थ गैंग कहलाते है।

8. भाईजान को क्या कहते हैं।?

उत्तर.सँद्रित अयस्को को वायु में गर्म करके ऑक्साइडो में बदलने की प्रक्रिया को भृंग कहते हैं।

9.अपचयन क्या है?

उत्तर.धातुओं को यौगिकों से प्राप्त करने की प्रक्रिया है।

10. परिष्करण करने  वाले कहते हैं।?

उत्तर.अशुद्ध धातु से विशुद्ध धातु प्राप्त करने की प्रक्रिया को परिष्करण कहते हैं।

11.मिश्र धातु किसे कहते हैं।?

उत्तर। किसी धातु के किसी अन्य धातु या अधातु के साथ मिश्रण को मिश्र धातु कहते हैं।

12. अपररूपता किसे कहते हैं।?

उत्तर। जिस गुण के कारण अधातुएं में विभिन्न रूपों में पाया जाता है। उन्हें अपरूपता कहते हैं।

13. वल्कनीकरण किसे कहते हैं।?

उत्तर। सल्फर को प्राकृतिक रबड़ के साथ मिश्रित करने की प्रक्रिया वल्कनीकरण कहलाती आती है।

14.धातुमल किसे कहते हैं।?

उत्तर। गैंग और प्रदेष के पारस्परिक पर मिलने के फल स्वरूपुप प्राप्त पदार्थ धातुमल कहलाता है।

15. प्रदर्क को कहते हैं।?

उत्तर.गैंग को द्र्विनीय पदार्थ में बदलकर धातु से अलग करने के लिए प्रयोग में लाया गया पदार्थ प्रदर्क कहलाता है।

16.निस्तापन क्या है।?

उत्तर.अयस्क को वायु की उपस्थिति में गर्म करने का प्रक्रम निस्तापन कहलाता है।

17. सर्पालन किसे कहते हैं।?

उत्तर.फड़नित अयस्क में डालकर सहित वात्याभट्टी में प्रगलित कर धातुमल तैयार करने का प्रक्रम प्रगलन कहलाता है।

18. धातुएँ क्या है।?

उत्तर.धातुएं वे तत्त्व है। जो इलेक्ट्रॉन खाकर धमनी बनाते हैं।

19. अधातु क्या है?

उत्तर। अधातु तत्व है। जो इलेक्ट्रॉन प्राप्त कर ऋणआवेदन करता है।

20.धातु विज्ञान धातुकर्म को कहते हैं।?

उत्तर.अयस्क से लेकर शुद्धिकरण तक की प्रक्रिया को धात्विक स्टील कहते हैं।


21. कैनरास तू कहता है।?

उत्तर। जब मिश्र धातु में पारा एक भाग के रूप में प्रयुक्त किया गया हो तो उसे स्वरूप कहते हैं।

22.धातुक्षय किसे कहते हैं।?

उत्तर। किसी धातु की सतह के वायुमंडल, पानी या किसी अन्य पदार्थ से प्रभावित होने वाले धातुक्षय कहते हैं।

23. अर्न्नी धातुएं कहेंगे।?

उत्तर.वे धातु जो देश की अर्थव्यवस्था और रक्षा के लिए आवश्यक मानी जाती है। उनमें स्पर्श धातुए हैं।

24.विद्युत धात्विक तत्व किसे कहते हैं?

उत्तर.वे तत्व जो इलेक्ट्रॉन खो कर धरिक आवेश युक्त बनाते हैं। उन्हें विद्युत धात्विक तत्व कहते हैं।

25.विद्युत ऋणात्मक तत्व किसे कहते हैं?

उत्तर.वे तत्व जो इलेक्ट्रॉन प्राप्त कर ऋणआत्मक आयन बनाते हैं. उन्हें विद्युत ऋणआत्मक तत्व कहते हैं.


26.अभिक्रियाशीलता श्रेणी किसे कहते हैं.?

उत्तर.धातुएं को उनकी घटती हुई अभिक्रिया शीलता के क्रम में एक खड़े स्तंभ में व्यवस्थित करने को धातुओ की अभिक्रियाशीलता श्रेणी कहते हैं.

27.विस्थापन अभिक्रिया किसे कहते हैं.?

उत्तर. अधिक क्रियाशीलता धातु कम क्रियाशील धातु को उसके लवण से विस्थापित करने वाली क्रियाओं को विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं.

28.उत्प्रेरक किसे कहते हैं.?

उत्तर.वह पदार्थ जो समय क्रिया में भाग न लेते हुए रासायनिक अभिक्रिया की दर को बढ़ाते या घटाते हैं. उन्हें उत्प्रेरक कहते हैं.

29.वर्धक किसे कहते हैं.?

उत्तर. उत्प्रेरकों की क्षमता बढ़ाने बालों को वर्धक कहते हैं.

30. श्रृंखलन किसे कहते हैं.?

उत्तर. समान परमाणुओं के द्वारा आबंध बनाने की विशेष क्षमता श्रृंखलन कहलाती है.


पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न (Textual Questions)


प्रश्न . ऐसी धातु का उदाहरण दें जो

(I) कमरे के तापमान पर द्रव होती है।

(Ii) चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।

(Iii) ऊष्मा की सबसे अच्छी चालक होती है।

(Iv) ऊष्मा का कुचालक होती है।

उत्तर- (I) पारा

(Ii) सोडियम

(Iii) चाँदी

(Iv) सीसा (लेड)


प्रश्न .आघातवर्थ्य तथा तन्य का अर्थ बताइए।

उत्तर- आघातवर्थ्य-धातुओं का वह गुण जिसके द्वारा उन्हें पीट कर पतली चादरों में बदला जा सकता है।सोना और चाँदी सबसे ज्यादा आघातवर्ध्य धातुएँ हैंl

तन्य-धातुओं का वह गुण जिसके कारण उनके लंबे एवं पतले तार बनाए जाते हैं।


प्रश्न. सोडियम को केरोसिन तेल में डुबोकर क्यों रखा जाता है ?

उत्तर- सोडियम ओर पोटैशियम अत्यधिक क्रियाशील धातु है,ये वायु के साथ अभिक्रिया कर आसानी से आग पकड लेते है इसलिए सोडियम को केरोसिन में डुबोकर रखा जाता हैं|


प्रश्न . इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखें (I) भाप के साथ आयरन (Ii) जल के साथ कैल्सियम तथा पोटाशियम।

उत्तर-  (I) BFe(S) + 4H2O(G) = Fe3O4. + 4H_1 ,


(Ii) Ca (S) + 2H2O (L) = Ca (OH)2 +H2


प्रश्न A, B, C एवं D चार धातुओं के नमूनों को लेकर एक-एक करके निम्न विलयन में डाला गया। इससे प्राप्त परिणाम को निम्न प्रकार से सारणीबद्ध किया गया है

धातु लोहा II सल्फेट कॉपर (II) सल्फेट जिंक सल्फेट सिल्वर नाइट्रेट

A कोई अभिक्रिया नहीं विस्थापन

B विस्थापन कोई अभिक्रिया नहीं

C कोई अभिक्रिया नहीं कोई अभिक्रिया नहीं कोई अभिक्रिया नहीं विस्थापन

D कोई अभिक्रिया नहीं कोई अभिक्रिया नहीं कोई अभिक्रिया नहीं कोई अभिक्रिया नहीं

इस सारणी का उपयोग कर धातु A, B, C एवं D के संबंध में निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए (I) सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु कौन-सी है ?

(Ii) धातु B को कॉपर

(II) सल्फेट के विलयन में डाला जाए तो क्या होगा ?

(Iii) धातु A, B, C एवं D को अभिक्रियाशीलता के घटते हुए क्रम में व्यवस्थित करें।


उत्तर- (I) धातु (B) सर्वाधिक अभिक्रियाशील है, क्योंकि कोई अन्य धातु FeSO4 ( आयरन सल्फ़ेट ) में से धातु को विस्थापित नहीं कर सकतीl

(Ii) धातु (B) सर्वाधिक अभिक्रियाशील हैl इसलिए यदि धातु को कॉपर (II) सल्फ़ेट के विलयन में डाला जाए तो यह कॉपर को उसके विलयन से विस्थापित कर देगा और विलयन का नीला रंग फीका पड़ जाएगाl

(Iii) B > A > C > D


प्रश्न . अभिक्रियाशील धातु को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डाला जाता है तो कौन-सी गैस उत्सर्जित होती है ? आयरन के साथ तनु H2 SO4 की रासायनिक अभिक्रिया लिखें।

उत्तर–किसी तनु अम्ल से क्रिया करने के पश्चात कोई धातु हाइड्रोजन गैस उतपन्न करती है सभी धातुएं तनु अम्लों से क्रिया नहीं करती पर जो धातुएं यह क्रिया नहीं करती हैं वे अम्ल में हाइड्रोजन को पुनर्स्थापित कर लवण तैयार करती हैंl

Fe + H2SO4 → FeSO4 + H2


प्रश्न . जिंक को आयरन (II) सल्फेट के विलयन में डालने से क्या होगा ? इसकी रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।

उत्तर-  जब जिंक को आयरन (II) सल्फेट के घोल में डाला जाता है तो जिंक आयरन सल्फेट के घोल से आयरन को विस्थापित कर देती है।


Zn (S) + FeSO4 (Aq) → Fe (S) + ZnSO4 (Aq)


इस कारण से होता है क्योंकि लोहा ज़िंक से कम सक्रिय है


प्रश्न. (I) सोडियम, ऑक्सीजन एवं मैग्नीशियम के लिए इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना लिखिए।

(Ii) इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण के दवारा Na2O एवं MgO की संरचना को दर्शाइए

(Iii) इन यौगिकों में कौन-से आयन उपस्थित हैं ?

उत्तर- (I) सोडियम Na.

ऑक्सीजन 0:

मैग्नीशियम Mg :

(Ii) Na2O की संरचना

(Iii) Na2O यौगिकों में Na+ आयन तथा O2- आयन हैl

MgO यौगिकों में Mg2+ आयन तथा O2- आयन हैl


प्रश्न .आयनिक यौगिकों का गलनांक उच्च क्यों होता है ?

उत्तर- आयनिक यौगिक में परस्पर आयनिक आकर्षण बहुत ही ज्यादा शक्तिशाली होता है | इस शक्तिशाली बंध को तोड़ने के लिए अत्याधिक ऊर्जा आवश्यक होती है | अतः इनका गलनांक उच्च होता है ।


प्रश्न. इन पदार्थों की परिभाषा दें।

(I) खनिज

(Ii) अयस्क

(Iii) गैंग

उत्तर- (I) खनिज वे पदार्थ होते है जिनमे धातुएँ अपने यौगिक के रूप में पाई जाती है |

(Ii) ऐसे खनिज जिनमे धातुओ का निष्कर्षण अत्याधिक सरल व उपयुक्त होता है , अयस्क कहलाते है |

(Iii) पृथ्वी से निकले गए अयस्कों में बहुत सी अशुद्धियाँ होती हैl इन अशुद्धियों को गैंग कहते हैl


प्रश्न . दो धातुओं के नाम बताइए जो प्रकृति में स्वतंत्र अवस्था में पाए जाते हैं।

उत्तर- सोना (Au) एवं प्लैटिनम (Pt) प्रकृति में स्वतंत्र अवस्था में पाए जाते हैं।


प्रश्न .धातु को उसके ऑक्साइड से प्राप्त करने के लिए किस रासायनिक प्रक्रिया का प्रयोग किया जाता है ?

उत्तर- सक्रियता श्रेणी में निम्न स्थित धातु ऑक्साइडों को गर्म करने से धातु की प्राप्ति हो जाती है। लेकिन सक्रियता श्रेणी के मध्य में स्थित धातुओं के ऑक्साइडों को कार्बन के साथ गर्म करके धातु प्राप्त की जाती है। इसे । अपचयी क्रिया कहते हैं।


प्रश्न 1. जिंक मैग्नीशियम एवं कॉपर के धात्विक ऑक्साइड को निम्न धातुओं के साथ गर्म किया गया :


धातु जिंक मैग्नीशियम कॉपर

जिंक ऑक्साइड

मैग्नीशियम ऑक्साइड

कॉपर ऑक्साइड

किस स्थिति में विस्थापन अभिक्रिया घटित होगी ?


उत्तर- (I) जिंक ऑक्साइड तथा मैग्नीशियम में विस्थापन अभिक्रिया होगी।

ZnO + Mg → MgO + Zn

(Ii) मैग्नीशियम ऑक्साइड विस्थापन अभिक्रिया नहीं कर सकता।

(Iii) कॉपर ऑक्साइड जिंक और मैग्नीशियम के साथ गर्म करने पर विस्थापन अभिक्रिया करेगा।

CuO + Zn → ZnO + Cu

CuO + Mg → Cu + MgO


प्रश्न . कौन-सी धातु आसानी से संक्षारित नहीं होती ?

उत्तर- सोना एवं प्लैटिनम।


प्रश्न . मिश्रधातु क्या होते हैं ?


उत्तर- दो या दो से अधिक धातुओ के समांगी मिश्रण को मिश्रातु कहते है |


अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न . निम्नलिखित में से कौन-सा युगल विस्थापन अभिक्रिया प्रदर्शित करता है ?

(A) NaCl विलयन एवं कॉपर धातु

(B) MgCI2 विलयन एवं एलुमीनियम धातु

(C) FeSO4 विलयन एवं सिल्वर धातु

(D) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु

उत्तर- (D) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु


प्रश्न . लोहे के फ्राईंग पैन को जंग से बचाने के लिए निम्न में से कौन-सी विधि उपयुक्त है ?

(A) ग्रीज़ लगाकर

(B) पेंट लगाकर

(C) जिंक की परत लगाकर

(D) ऊपर के सभी।

उत्तर- (C) जिंक  की परत चढ़ाकर


प्रश्न . कोई धातु ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर उच्च गलनांक वाला यौगिक निर्मित करती है। यह यौगिक जल में विलेय है। यह तत्व क्या हो सकता है ?

(A) कैल्सियम

(B) कार्बन

(C) सिलिकॉन

(D) लोहा।

उत्तर- (A) कैल्सियम


प्रश्न . खाद्य पदार्थों के डिब्बों पर जिंक की बजाए टिन का लेप होता है क्योंकि

(A) टिन की अपेक्षा जिंक महंगा है।

(B) टिन की अपेक्षा जिंक का गलनांक अधिक है।

(C) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है।

(D) टिन की अपेक्षा जिंक कम अभिक्रियाशील है।

उत्तर- (C) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है


प्रश्न .आपको एक हथौड़ा, बैटरी, बल्ब, तार एवं स्विच दिया गया है।

(A) इनका उपयोग कर धातुओं एवं अधातुओं के नमूनों के बीच आप विभेद कैसे कर सकते हैं ?

(B) धातुओं एवं अधातुओं में विभेदन के लिए इन परीक्षणों की उपयोगिता का अवलोकन करें।

उत्तर- (A) (I) हथौड़े से पीटकर  – धातु की पतली चादर प्राप्त होती है | जबकि आधातु भंगुर होती है अतः छोटे – छोटे टुकड़ो में बिखर जाएगी

(Ii) सभी उपकरणों को दर्शाए गए चित्र के अनुसार जोड़ लेंl लिए गए नमूनों को क्लिप्स के बीच में रखें और स्विच ‘ऑन’ करेंl यदि बल्ब जलता है तो नमूना धातु है क्योंकि धातु विद्युत् का सुचालक होते हैं और यदि बल्ब नहीं जला तो लिया गया नमूना अधातु है क्यूंकि अधातु विद्युत् के कुचालक होते हैंl


(B) लोहे के आघातवर्ध्य होने के कारण, एवं लगभग सभी धातुओं के आघातवर्ध्य गुण के कारण उन्हें पतली चादर के रूप में बदल कर विभिन्न कामों के लिए प्रयोग में लाया जा सकता हैl जैसे लोहे का प्रयोग बक्से एवं संदूक बनाने में किया जाता हैl


धातुएँ विद्युत कि सुचालक होती हैंl इसी गुण के कारण कॉपर एवं ऐलुमिनियम को विद्युत के संचालन के लिए प्रयोग किया जाता हैl


प्रश्न . उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं ? दो उभयधर्मी आक्साइडों का उदाहरण दें।

उत्तर- जो धातु ऑक्साइड अम्लीय और क्षारीय दोनों प्रकार के व्यवहार प्रकट करते हैं उन्हें उभयधर्मी ऑक्साइड कहते हैं।


उदाहरण: ऐलुमिनियम ऑक्साइड (Al2O3)  ज़िंक ऑक्साइड (ZnO)

(I) Al2O3 + 6HCl → 2AlCl3 + 3H2O  ( क्षारीय व्यवहार )

Al2O3 + 2NaOH → 2NaAlO2 + H2O  ( अम्लीय व्यवहार )


(Ii) ZnO + 2HCl → ZnCl2 + H2O  ( क्षारीय व्यवहार )

ZnO + 2NaOH → Na2ZnO2 + H2O  ( अम्लीय व्यवहार )


प्रश्न. दो धातुओं के नाम बताएँ जो तनु अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देंगे तथा दो धातुएं जो ऐसा नहीं कर सकती हैं।

उत्तर- (I) ज़िंक (Zn) तथा लोहा (Fe) हाइड्रोजन से अधिक अभिक्रियाशील होने के कारण उसे तनु अम्ल से विस्थापित कर सकते हैंl

(Ii) कॉपर (Cu) तथा पारा (Hg) हाइड्रोजन से कम अभिक्रियाशील होने के कारण ऐसा नहीं कर सकतेl


प्रश्न 8. किसी धातु M के विद्युत् अपघटनी परिष्करण में आप एनोड-कैथोड एवं विद्युत् अपघट्य किसे बनाएँगे ?

उत्तर-एनोड-धातु M की अशुद्ध मोटी प्लेट।

कैथोड-धातु M की शुद्ध पतली प्लेट।

अपघट्य-धातु M का जल में घुलनशील विलयन।


प्रश्न . प्रत्यूष ने सल्फर चूर्ण को स्पेचुला में लेकर उसे गर्म किया तथा परखनली को उल्टाकर उसने उत्सर्जित गैस को एकत्र किया।

(A) गैस की क्रिया क्या होगी ?

(I) सूखे लिटमस पत्र पर

(Ii) आर्द्र लिटमस पत्र पर।

(B) ऊपर की अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।

उत्तर- ( A ) सल्फ़र जलने पर सल्फर डाईऑक्साइड उतपन्न करता है


S (S) + O2 → SO2


(I) सूखे लिटमस पत्र पर गैस की कोई भी क्रिया नहीं होगीl


(Ii) सल्फ़र एक अधातु है और अधातु की प्रकृति अम्लीय होती है गैस गैस आर्द्र लिटमस पत्र में मौजूद जल के साथ अभिक्रिया क्र सल्फ्यूरिक अम्ल उतपन्न करेगी जो नीले लिटमस पत्र का रंग लाल कर देगाl


(B) SO2 (G) + H2O → H2SO3 (Aq)


प्रश्न .लोहे को जंग से बचाने के लिए दो तरीके बताएं उत्तर-जंग से बचाने के तरीके

उत्तर- 1. तेल या ग्रीस की तह जमाकर- यदि लोहे पर तेल या ग्रीस की तह जमा दें तो नम वायु लोहे के संपर्क में नहीं आ पाती जिससे जंग नहीं लगता मशीनों के पुर्जों पर ऐसा ही किया जाता है

2. एनेमल से- लोहे की सतह पर रंग-रोगन की तह जमाकर जंग लगने पर नियंत्रण पाया जाता है बसों, कारों, स्कूटर-मोटर साइकिल, खिड़कियों, रेलगाड़ियों आदि पर एनेमल की तह ही जमाई जाती है


प्रश्न .ऑक्सीजन के साथ संयुक्त होकर अधातु कैसा ऑक्साइड बनाते हैं ?

उत्तर- अधातुएं ऑक्सीजन से संयोग करके दो प्रकार के ऑक्साइड बनाती हैं अम्लीय और उदासीन

(I) अम्लीय ऑक्साइड– अधातुएँ ऑक्सीजन से संयोग करके सह-संयोजक ऑक्साइड बनाती हैं जो पानी में घुलकर अम्ल बनाते हैंl


(A) C + O2 → CO2

CO2 + H2O → H2CO3 (कार्बोनिक अम्ल)

(B) S + O2 → SO2

SO2 + H2O → H2SO3


(Ii) उदासीन ऑक्साइड– कुछ अधातुएँ ऑक्सीजन से संयोग करके उदासीन ऑक्साइड बनाती हैंl इन पर लिटमस पेपर का कोई प्रभाव नहीं होता है जैसे- कार्बन मोनो-ऑक्साइड (CO), पानी (H2O) तथा नाइट्रस ऑक्साइड (NO2) उदासीन ऑक्साइड हैंl


प्रश्न. कारण बताएँ

(A) प्लैटिनम, सोना एवं चाँदी का उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है

(B) सोडियम, पोटैशियम एवं लीथियम को तेल के अंदर संग्रहित किया जाता है

(C) एलुमिनियम अत्यंत अभिक्रियाशील धातु है फिर भी इसका उपयोग खाना बनाने वाले बर्तन बनाने में किया जाता है

(D) निष्कर्षण प्रक्रम में कार्बोनेट एवं सल्फाइड अयस्क को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है

उत्तर- (A) प्लैटिनम, सोना एवं चांँदी चमकदार धातुए है एवं संक्षारित भी नहीं होती है अतः इनका उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है।

(B) सोडियम, पोटैशियम एवं लिथियम अत्यधिक अभिक्रियाशील है ये ऑक्सीजन के साथ मिलकर ऑक्साइड बनाते हैं तथा जल के संपर्क में आने पर जल जाते हैं इसलिए इन्हे बचाने के लिए तेल में डुबोकर रखा जाता हैl

(C) एलुमिनियम एक शक्तिशाली एवं सस्ता धातु है .ऐलुमिनियम के बर्तन आसानी से संक्षारित नहीं होते अतः यह ऊष्मा के सुचालक है

(घ) धातुओ को उनके ऑक्साइड से पृथक करना ज्यादा आसान प्रक्रिया है अतः निष्कर्षण प्रक्रम में कार्बोनेट एवं सल्फाइड अयस्क को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है।


प्रश्न .आपने तांबे के मलीन बर्तन को नींबू या इमली के रस से साफ करते अवश्य देखा होगा। ये खट्टे पदार्थ बर्तन को साफ करने में प्रभावी क्यों हैं ?

उतर- खट्टे पदार्थों में सिट्रिक अम्ल पाया जाता है तांबे के बर्तनों पर हरे रंग की परत कॉपर कार्बोनेट जमा हो जाती है  इसलिए कॉपर कार्बोनेट जो प्रकिति में क्षारीय होता है यह नींबू के जूस के साथ घुल जाता है जो प्रकृति में अम्लीय होता है जिससे वह उदासीन हो जाता है और बर्तन साफ़ हो जाते है |


प्रश्न . रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर धातु एवं अधातु में विभेद करें।

उत्तर-  धातु के रासायनिक गुणधर्म :

(I) धातुए क्षारकीय ऑक्साइड बनाती है |

(Ii) धातु अपचायक होती है |

(Iii) धातुए जल से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देती है |


अधातु के रासायनिक गुणधर्म :

(I) अधातुए अम्लीय या उदासीन ऑक्साइड बनाती है |

(Ii) अधातु उपचायक होती है |

(Iii) अधातुए जल से हाइड्रोजन को विस्थापित नहीं कर पाती है


प्रश्न . एक व्यक्ति प्रत्येक घर में सुनार बनकर जाता है। उसने पुराने एवं मलीन सोने के आभूषणों में पहले जैसी चमक पैदा करने का ढोंग रचा है। कोई संदेह किये बिना ही एक महिला अपने सोने के कंगन उसे देती है जिसे वह एक विशेष विलयन में डाल देता है। कंगन नये की तरह चमकने लगते हैं लेकिन उनका वज़न बहुत कम हो जाता है। वह महिला बहुत दुःखी होती है तथा तर्क-वितर्क के पश्चात् उस व्यक्ति को झुकना पड़ता है। एक जासूस की तरह क्या आप उस विलयन की प्रकृति के बारे में बता सकते हैं ?

उत्तर- सुनार द्वारा प्रयोग किया गया विलयन, एक्वारीजिया हैl एक्वारीजिया एक लैटिन का शब्द है जिसका मतलब है ‘रॉयल वाटर’l इसमें तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एवं नाइट्रिक अम्ल, 3 : 1 के अनुपात में होता हैl एक्वारीजिया सोना और प्लैटिनम को घोलने में समृद्ध है इसलिए महिला के कंगन का भार कम हो जाता हैl


प्रश्न। गर्म जल का टैंक बनाने में तांबा का प्रयोग होता है लेकिन बुटाल (लोहे का मिश्र धातु) का नहीं इसका कारण बताओ।

उत्तर- तांबा ऊष्मा का अच्छा सुचालक है और यह गर्म जल के साथ अभिक्रिया नहीं करता है इसके विपरीत लौह गर्म जल के साथ आभिक्रिया करता है।

3 एफ (एस) + 4 एच 2 ओ → फे 3 ओ 4 (एस) + 4 एच 2 (जी)


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