4. कार्बन तथा उसके यौगिक. Carbon and its Compounds
1.कार्बन किसे कहते हैं ?
उत्तर.कार्बन एक तत्व है जिसका तात्विक और संयुक्त रुप में बहुत अधिक महत्व है आवर्त सारणी के 14वे आवर्त में रखे गए इस तत्व की परमाणु संख्या 6 द्रव्यमान संख्या 12 और संयोजकता 4 है इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,4 है और इसे 12/6 C प्रतीक के द्वारा प्रकट किया जाता है
2.कार्बन यौगिक किसे कहते हैं?
उत्तर.जिन यौगिकों में कार्बन विदद्यमान होता है उन्हें कार्बन यौगिक कहते हैं यह प्राय:सहसंयोजी होते हैं आयनिक यौगिक कार्बोनेट को इन में सम्मिलित नहीं किया जाता
3.सहसंयोजी आबंध किसे कहते हैं?
उत्तर. जो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से बनते हैं उन रासायनिक आबंध को सहसंयोजी आबंध कहते हैं
4.अपरूपता किसे कहते हैं?
उत्तर.तत्वों का वह गुण जिसके द्वारा तत्व अनेक रूपों में पाया जाता है जिनके भौतिक गुण भिन्न भिन्न परंतु रासायनिक गुण समान होते हैं तत्वों के विभिन्न रूपों को अपरूपता कहते हैं
5.हाइड्रोकार्बन किसे कहते हैं?
उत्तर. कार्बन तथा हाइड्रोजन से बने कार्बनिक यौगिकों को हाइड्रोकार्बन कहते हैं
6.एल्केन या संतृप्त हाइड्रोकार्बन किसे कहते हैं?
उत्तर. जिन हाइड्रोकार्बन का सामान्य रासायनिक सूत्र CnH2n+2हो, एल्केन कहलाते हैं
7.समावयवन किसे कहते हैं?
उत्तर. ऐसे योगिक को जिनका आणविक सूत्र तो समान हो परंतु अणुओं की संरचनात्मक व्यवस्था भिन्न भिन्न हो उन्हें समावयवन कहते हैं
8.असंतृप्त हाइड्रोकार्बन किसे कहते हैं?
उत्तर. जिन हाइड्रोकार्बन में दो कार्बन परमाणुओं के मध्य द्विबंध अथवा त्रिबंध होता है उन्हें असंतृप्त हाइड्रोकार्बन कहते हैं
9.ताप भजन किसे कहते हैं?
उत्तर.बहुत अधिक संख्या में कार्बन परमाणु युक्त किसी एल्केन को गर्म करते हैं तो उसके अनु टूट कर निम्नतर हाइड्रोकार्बन बनाते हैं जिनके अनुओ में कार्बन परमाणुओं की संख्या कम होती है इस प्रक्रिया को ताप भजन कहते हैं
10.उत्प्रेरक किसे कहते हैं?
उत्तर. यदि भाप इंजन की क्रिया किसी उत्प्रेरक की उपस्थिति में की जाती है तो उत्प्रेरक बंधन कहते हैं
11.एल्कीन किसे कहते हैं?
उत्तर. हाइड्रोकार्बनो का सामान्य रासायनिक सूत्र CnH2n होता है उन्हें सम्मिलित रूप से एल्कीन कहते हैं
12.बहुलता किसे कहते हैं?
उत्तर.जिस प्रक्रिया द्वारा विशेष परिस्थितियों में छोटे अणु मिलकर एक बड़ी श्रंखला वाला अर्थात एक बड़ा अणु बनाते हैं उसे बहुलता कहते हैं
13.अपरूप किसे कहते हैं?
उत्तर. किसी रासायनिक तत्वों के वे रूप जिन के भौतिक गुण पर आए भिन्न होते हैं पर रसायनिक का गुण समान होता है उन्हें अपरूप करते हैं
14.अपरूपता किसे कहते हैं?
उत्तर. जब कोई तत्व समान रासायनिक गुणों के साथ दो या दो से अधिक भौतिक रूपों में पाया जाता है तो उस प्रघटना को अपरूपता कहते हैं
15.कार्बनिक यौगिक किसे कहते हैं?
उत्तर. कार्बनिक यौगिक उन्हें कहते हैं जो हाइड्रोकार्बनिक एवं उनके व्युत्पन्न सहसंयोजी यौगिक होते हैं
16.श्रृंखलन किसे कहते हैंहिंदी में?
उत्तर.कार्बन परमाणुओं कार्बनिक परमाणुओं के साथ संबंध बनाकर लंबी श्रृंखला बनाने की प्रवृति रखते हैं जिसे श्रृंखलन करते हैं
17.समावयव किसे कहते हैं?
उत्तर. किसी एक ही आणविक सूत्र के विभिन्न संरचनात्मक सूत्रों को समावयव कहते हैं
18.प्रकार्यात्मक समूह किसे कहते हैं?
उत्तर. परमाणु या परमाणुओं का वह समूह जो किसी कार्बनिक यौगिक ऋणों का निर्धारण करता है उसे प्रकार्यात्मक समूह कहते हैं
19.जलरागी किसे कहते हैं?
उत्तर. जल की ओर आकृष्ट होने वाला किसी लंबी श्रृंखला से युक्त सिरा जलरागी कहलाता है
20.जलविरागी किसे कहते हैं?
उत्तर.किसी लंबी श्रृंखला युक्त अणु का जो सिरा जल से प्रतिकर्षत होता है उसे जलविरागी कहते हैं
21.एल्कोहल किसे कहते हैं?
उत्तर. एल्केन की एक हाइड्रोजन परमाणु को हाइड्रोक्लिससमूह द्वारा प्रतिस्थापित करने से प्राप्त हुई योगीको एल्कोहल कहते हैं
22.कार्बोक्सिलिक अम्ल किसे कहते हैं?
उत्तर.जिन हाइड्रोकार्बन में एक या अधिक ग्रुप हो उन्हें कार्बोक्सिलिक अम्ल कहते हैं
23. संश्लिष्ट रेशे किसे कहते हैं?
उत्तर. कृत्रिम विधि द्वारा बनाए गए रेशो को संश्लेषित रेशे कहते हैं
24.संरचनात्मक योगिक किसे कहते हैं?
उत्तर. समान आणविक फार्मूला लेकिन विभिन्न सरचनाओं वाले यौगिकों को संरचनात्मक योगी कहते हैं
25.हेटरो एटम किसे कहते हैं?
उत्तर. हाइड्रोकार्बन श्रृंखलाएं जो पप्पू हाइड्रोजन को इस प्रकार प्रतिस्थापित करते हैं कि कार्बन की संयोजकता संतुष्ट रहती है उन्हें हेटरो एटम कहते हैं
26.समजातीय श्रेणी किसे कहते हैं?
उत्तर. योगीको कि ऐसी श्रंखला जिसमें कार्बन श्रृंखला में स्थित हाइड्रोजन को एक ही प्रकार के कार्यक्रमों प्रतिस्थापन करता है उसे समजातीय श्रेणी कहते हैं
27.अपमार्जक किसे कहते हैं?
उत्तर. सफाई के लिए प्रयुक्त किए जाने वाले पदार्थों को अपमार्जक कहते हैं
28. कार्बन फाइबर किसे कहते हैं?
उत्तर. कार्बन फाइबर कार्बन परमाणुओं की लंबी श्रृंखला से बनाते हैं
29. साबुन किसे कहते हैं?
उत्तर. साबुन लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों का सोडियम लवण है
30.उत्प्रेरक किसे कहते हैं?
उत्तर. उत्प्रेरक वह पदार्थ है जिनके कारण अभिक्रिया तीव्र या मंद होती है और वह समय अभिक्रिया को प्रभावित किए बिना एक भिन्न दर पर आगे बढ़ते हैं
31.ग्लिसरॉल किसे कहते हैं?
उत्तर. ग्लिसरॉल एक अल्कोहल है जिसमें तीन हाइड्रोक्सील ग्रुप होते हैं
32. साबुनीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर. वसा को विघटित करने की प्रक्रिया को साबुनीकरण कहते हैं
पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न (Textual Questions)
प्रश्न. CO2 सूत्र वाले कार्बन डाइऑक्साइड की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना क्या होगी?
उत्तर- कार्बन डइऑक्साइड में कार्बन परमाणु के साथ ऑक्सीजन के दो परमाणु जुड़े होते हैं। कार्बन की परमाणु संख्या 6 होती है और इसके बाहरी कक्ष में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं। इसे अष्टक बनाने की लिए चार इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। ऑक्सीजन को केवल 2 इलेक्ट्रॉनों की बाहरी कक्ष में आवश्यकता होती है। इसलिए उसका इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना होगी
C की परमाणु संख्या = 6 इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 4
O की परमाणु संख्या = 8 इलेवट्रॉनिक विन्यास = 2, 6
प्रश्न . सल्फर के आठ परमाणुओं से बने सल्फर के अणु की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना क्या होगी ?( संकेत : सल्फर के आठ परमाणु एक अँगूठी के रूप में आपस में जुड़े होते हैं।)
उत्तर- सल्फर का परमाणु क्रमांक 16 है।
K L M
2 8 6
सल्फर के बाहरी कक्ष में 6 इलेक्ट्रॉन हैं और इसे अष्टक पूरा करने के लिए 2 इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। प्रत्येक सल्फर परमाणु दो इलेक्ट्रॉनों की सहभागिता करेगा। इसका आणविक सूत्र S8 होता है
प्रश्न. कार्बन के दो गुणधर्म कौन-से हैं, जिनके कारण हमारे चारों ओर कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या दिखाई देती है ?
अथवा
कार्बन में बड़ी संख्या में यौगिक बनाने की शक्ति क्यों होती है ? वर्णन कीजिए।
अथवा
कार्बनिक यौगिकों के संकलन गुणधर्मों का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर- कार्बन के दो गुणधर्म :-
(I) कार्बन की संयोजकता चार है अत: यह अपने ही परमाणुओं के साथ एकल , द्वि , त्रिक सहसयोंजक आबंध के साथ जुड़ते है .
(Ii) एक कार्बन परमाणु अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ आबंध बनाकर लम्बी – लम्बी शृंखलन (Catenation) बनता है | इसे कार्बन यौगिक की संख्या बहुत विस्तृत है .
प्रश्न .साइक्लोपेनटेन का सूत्र तथा इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना क्या होंगे ?
उत्तर- साइक्लोपेन्टेन का सूत्र C5H10 है| इसकी इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना नीचे दी गई है:
प्रश्न . निम्नलिखित यौगिकों की संरचना चित्रित कीजिए
(I) इथेनाइक अम्ल
(Ii) ब्रोमोपेंटेन
(Iii) ब्यूटानोन
(Iv) हेक्सेनल
उत्तर- (I) एथेनोइक अम्ल (CH3COOH)
(Ii) ब्रोमोपेन्टेन ( C5H11Br ):
(Iii) ब्यूटेनोन ( C2H5COCH3 )
(Iv) हेक्सेनल ( C5H11CHO)
ब्रोमोपेन्टेन कार्बन के साथ ब्रोमीन का स्थान बदलने के कारण ब्रोमोपेन्टेन विभिन्न संरचनात्मक समावयवता प्रदर्शित करता है।
प्रश्न . निम्नलिखित यौगिकों का नामांकन कैसे करेंगे ?
उत्तर- (I) ब्रोमोएथेन
(Ii) मेथेनॉल
(Iii) 1 – हैक्साइन
प्रश्न . एथेनॉल से एथेनॉइक अम्ल में परिवर्तन को ऑक्सीकरण अभिक्रिया क्यों कहते हैं ?
उत्तर- CH3CH2OH + (क्षारीय KMnO4) → CH3COOH
इस अभिक्रिया में एथनॉल में एक ऑक्सीजन का संकलन होता है, इसलिए यह ऑक्सीकरण अभिक्रिया कहलाता है।
प्रश्न . ऑक्सीजन तथा एथायन के मिश्रण का दहन वेल्डिंग के लिए किया जाता है। क्या आप बता सकते हैं कि इथाइन तथा वायु के मिश्रण का उपयोग क्यों नहीं किया जाता ?
उत्तर- जब एथाइन का दहन वायु की उपस्थिति में किया जाता है तो यह पिले रंग की ज्वाला और कज्जली धुआँ उत्पन्न करता है। इस धुएं में कार्बन होता है। अपूर्ण दहन के कारण ऊष्मा ऊर्जा भी कम उत्पन्न होती है। इसलिए वेल्डिंग के लिए आवश्यक उच्च ऊष्मा उत्पन्न के लिए एथाइन का पूर्ण दहन ऑक्सीजन की उपस्थिति में किया जाता है।
2HC ≡ CH + 5O2 → 4CO2 + 2H2O + ऊष्मा
प्रश्न . प्रयोग द्वारा आप एल्कोहल एवं कार्बोसिलिक अम्ल में कैसे अंतर कर सकते हैं ?
उत्तर- सोडियम बाईकार्बोनेट से अभिक्रिया करने पर दोनों में अंतर प्राप्त होता है । सोडियम बाईकार्बोनेट ऐल्कोहॉल के साथ कोई क्रिया नहीं करते और न ही गैस उत्पन्न होती है । परन्तु एथेनॉइक अम्ल अभिक्रिया करने पर CO2 गैस उत्सर्जित होती है।
कार्बोनेट/ हाइड्रोजनकार्बोनेट + कार्बोक्सिलिक अम्ल → लवण + जल + कार्बन डाइऑक्साइड
वहीँ दूसरी ओर, एल्केहॉल कार्बोनेट और हाइड्रोजनकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया नहीं करता है।
प्रश्न . ऑक्सीकारक एजेंट क्या हैं ?
उत्तर- ऑक्सीकारक एजेंट वे पदार्थ हैं जो अन्य पदार्थों को ऑक्सीजन प्रदान करने की क्षमता रखते हैं। उदाहरण के लिए क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट (KMnO4) और अम्लीय पोटाशियम डाइक्रोमेट इथनॉल को इथानोइक अम्ल में बदल सकता है।
इथनॉल के एक अणु में ऑक्सीजन का एक परमाणु होता है जबकि इथानोइक अम्ल में ऑक्सीजन के दो परमाणु होते हैं। इथनॉल में ऑक्सीजन का एक परमाणु मिल जाता है और इथानोइक अम्ल बन जाता है। यह ऑक्सीजन या तो उसे क्षारकीय पोटैशियम परमैंगनेट या अम्लीय डाइक्रोमेट से प्राप्त होता है। इसलिए ये दोनों पदार्थ ऑक्सीकारक एजेंट हैं।
प्रश्न . क्या आप डिटरजेंट का उपयोग कर बता सकते हैं कि कोई जल कठोर है या नहीं ?
उत्तर- हम डिटरजेंट का प्रयोग कर यह नहीं बता सकते है कि जल कठोर है या नहीं ,क्योंकिडिटरजेंट कठोर और मृदु दोनों प्रकार के जल के साथ झाग उत्पन्न करता है।
प्रश्न .लोग विभिन्न प्रकार से कपड़े धोते हैं। सामान्यतः साबुन लगाने के बाद लोग कपड़े को पत्थर पर पटकते हैं, डंडे से पीटते हैं, बुश से रगड़ते हैं या वाशिंग मशीन में कपड़े रगड़े जाते हैं। कपड़ा साफ़ करने के लिए उसे रगड़ने की क्यों आवश्यकता होती है ?
उतर- साबुन मैल के साथ क्रिया करके एक मिसेली संरचना तैयार करते है। तैलीय मैल मिसेल के किंद्र में एकत्रित हो जाता है तथा कपड़ो से चिपक जाता अत: उसे साफ करने के लिए ऐसा करना आवश्यक है ।
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
प्रश्न . एथेन का आण्विक सूत्र – C2H6 है। इसमें :
(A) 6 सहसंयोजक आबंध हैं
(B) 7 सहसंयोजक आबंध हैं
(C) 8 सहसंयोजक आबंध हैं
(D) 9 सहसंयोजक आबंध हैं
उत्तर- (B) 7 सहसंयोजक आबंध हैं
प्रश्न . ब्यूटनोन चतुर्कार्बन यौगिक है जिसका प्रकार्यात्मक समूह
(A) कार्बोक्सिलिक अम्ल
(B) एल्डीहाइड
(C) कीटोन
(D) एल्कोहल
उत्तर- (C) कीटोन
प्रश्न . खाना बनाते समय यदि बर्तन की तली बाहर से काली हो रही हो तो इसका मतलब है कि
(A) भोजन पूरी तरह नहीं पका है।
(B) ईंधन पूरी तरह से नहीं जल रहा है।
(C) ईंधन आर्द्र है।
(D) ईंधन पूरी तरह से जल रहा है।
उत्तर- (B) ईंधन पूरी तरह से नहीं जल रहा है।
प्रश्न . CH3Cl में आबंध निर्माण का उपयोग कर सहसंयोजक आबंध की प्रकृति समझाएँ।
उत्तर-
कार्बन में संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या चार होती है| इसके 1 इलेक्ट्रॉन हाइड्रोजन के तीन अणु के साथ तथा 1 इलेक्ट्रॉन क्लोरीन के साथ साझेदारी करते हैं| कार्बन तथा क्लोरीन के अणुओं के बीच सहसंयोजी आबंध होता है लेकिन क्लोरीन की उच्च विद्युत ऋणात्मकता के कारण कार्बन तथा क्लोरीन के आबंध की प्रकृति ध्रुवीय होती है|
प्रश्न . इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाएं
(A) एथेनोइक अम्ल
(B) H2S
(C) प्रोपेनोन
(D) F2
उत्तर- (A) एथेनोठक अप्ल – CH3COOH
(B) H2S
(C) प्रोपेनोन
(D) F2
प्रश्न .समजातीय श्रेणी क्या है ? उदाहरण के साथ समझाइए।
उत्तर- यौगिकों की ऐसी श्रृंखला जिसमें कार्बन श्रृंखला में स्थित हाइड्रोजन को एक ही प्रकार का प्रकार्यात्मक समूह स्थापित करता है, उसे समजातीय श्रेणी कहते हैं। इसके दो क्रमागत सदस्यों में CH2 ग्रुप का अंतर होता है, जैसे एल्केन, सजातीय श्रेणी का सामान्य सूत्र CnH2n+2 है। इस श्रेणी के सदस्य मिथेन CH4, इथेन C2H6, प्रोपेन C3H8, ब्यूटेन C4H10, पेन्टेन C5H12, हैक्सेन C6H14 आदि है।
प्रश्न . भौतिक एवं रासायनिक गुण धर्मों के आधार पर एथेनॉल एक एथेनोइक अम्ल में आप कैसे अंतर करेंगे ?
उत्तर- भौतिक गुण :-
(I) एथेनॉल की गंध अभिलाक्षणिक ऐल्कोहाली होती है जबकि एथेनॉल अम्ल की गंध तीव्र होती है |
(Ii) एथेनॉल का गलनांक 156K होता है जबकि एथेनॉल अम्ल का क्वथनांक 290K होता है |
(Iii) एथेनॉल का क्वथनांक 351K होता है जबकि एथेनॉल अम्ल का क्वथनांक 391K होता है |
रासायनिक गुण :-
(I) एथेनॉल लिटमस पेपर पर कोई फर्क नहीं करता है जबकि एथेनॉल अम्ल नीले लिटमस पेपर को लाल कर देता है |
(Ii) एथेनॉल सोडियम कार्बोनेट से कोई क्रिया नहीं करते है जबकि एथेनॉल अम्ल सोडियम कार्बोनेट के साथ क्रिया कर CO2 गैस उत्पन्न करते है |
प्रश्न . जब साबुन को जल में डाला जाता है तो मिसेल का निर्माण क्यों होता है ? क्या एथेनॉल जैसे दूसरे विलायकों में भी मिसेल का निर्माण होगा ?
उत्तर- साबुन के अणु के दो सिरे होते हैं| एक सिरा जलरागी तथा दूसरा सिरा जलविरागी होता है| जब साबुन को जल में घोला जाता है तथा कपड़े को साबुन के विलयन में डाला जाता है तो तैलीय धूल के कण हाइड्रोकार्बन भाग से तथा जल के अणु आयनिक भाग से जुड़ जाते हैं| अब ये सभी साबुन के अणुओं के आयनिक (ऋणात्मक) भाग बाहर की ओर तथा हाइड्रोकार्बन भाग भीतर की ओर व्यवस्थित होकर मिसेल बनाते हैं| ये कोलाइड के रूप में रहते हैं तथा आयन-आयन विकर्षण के कारण अवक्षेपित नहीं होते|
एथनॉल जैसे दूसरे विलायकों में मिसेल का निर्माण नहीं होता क्योंकि साबुन की तरह इनकी प्रकृति ध्रुवीय नहीं होती
प्रश्न . कार्बन एवं उसके यौगिकों का उपयोग अधिकतर कार्यों में ईंधन के रूप में क्यों किया जाता है ?
उत्तर- जब साबुन को जल में डाला जाता है तो उसके अणु के दो सिरे दो भिन्न गुणधर्मों को प्रकट करते हैं: जल में विलयशील हाइड्रोफिलिक और हाइड्रोकार्बन में विलयशील हाइड्रोफ़ोबिक। यह जल में घुलनशील नहीं होते। पानी में डालने से साबुन का आयनिक सिरा जल के अंदर होता है जबकि हाइड्रोकार्बन पूँछ ( दूसरा सिरा ) जल के बाहर होता है। ऐसे अणुओं का बड़ा समूह बनने के कारण होता है जिसमे हाइड्रोफ़ोबिक पूँछ बड़े समूह के भीतरी हिस्से में होता है जबकि उसका आयनिक सिरा बड़े समूह की सतह पर होता है। जल में विलयशील हाइड्रोफिलिक और हाइड्रोकार्बन में विलयशील हाइड्रोफ़ोबिक के समूह को ही मिसेल कहते हैं।
साबुन एथेनॉल जैसे दूसरे विलायकों में घुल जाता है इसलिए मिसेल का निर्माण नहीं करता।
प्रश्न . कठोर जल को साबुन से उपचारित करने पर मैल के निर्माण को समझाएं।
उत्तर- कठोर जल उपस्थित कैल्सियम व मैग्नीशियम आयन साबुन के साथ अभिक्रिया करके अघुलनशील लवण बनाते है । अत: सफेद अवक्षेप का निमार्ण होता है।
2C17H35COONa + Mg2+ → (C17H35COO)2Mg + 2Na+
प्रश्न .यदि आप लिटमस पत्र (लाल एवं नीला) से साबुन की जाँच करें तो आपका प्रेक्षण क्या होगा?
उत्तर- साबुन क्षारीय प्रकृति का होता है अत : यह लाल लिटमस पेपर इको नीला कर देता है ।
प्रश्न. हाइड्रोजनीकरण क्या है ? इसका औद्योगिक उपयोग क्या है ?
उत्तर- असंतृप्त हाईड्रोकार्बन हाईड्रोजन से योग करके संतृप्त यौगिक बनाते है | यह प्रकिया हाइड्रोजनीकरण कहलाती है | इस प्रकिया को तेल से घी बनाने में प्रयोग किया जाता है
वनस्पति तेल +H2
प्रश्न . दिए गए हाइड्रोकार्बन-C2H6, C3H8, C3H6, C2H2 एवं CH4 में किस में संकलन अभिक्रिया होती है?
उत्तर- केवल असंतृप्त हाइड्रोकार्बन ही योग अभिक्रिया को करते हैं। इसलिए C2H6, C3H8, C3H6, C2H2 एवं CH4 में से केवल C3H6 और C2H2 ही योग अभिक्रिया करेंगे।
प्रश्न. मक्खन एवं खाना बनाने वाले तेल के बीच रासायनिक अंतर समझने के लिए एक परीक्षण बताइए।
उत्तर- मक्खन में संतृप्त योगिक होते हैं और खाना पकने वाले तेलों में असंतृप्त योगिक होते हैं। असंतृप्त योगिक क्षारीय पोटैशियम परमैगनेट के गुलाबी रंग को उड़ा देते हैं। इसलिए खाना पकाने वाले तेल में कुछ बूँद क्षारकीय पोटैशियम परमैगनेट घोल की डाली जाती है और उनका रंग उड़ जाता है पर मक्खन के साथ यही क्रिया करने से पोटैशियम परमैगनेट का गुलाबी रंग नहीं उड़ता।
प्रश्न .साबुन की सफ़ाई प्रक्रिया की क्रिया विधि समझाएँ।
उत्तर- साबुन के अणु ऐसे होते हैं जिनके दोनों सिरों के विभिन्न गुणधर्म होते हैं| जब साबुन जल की सतह पर होता है तब इसके अणु अपने को इस प्रकार व्यवस्थित कर लेते हैं कि इसका आयनिक सिरा जल के अंदर होता है जबकि दूसरा सिरा हाइड्रोकार्बन पूँछ जल के बाहर होता है| जल के अंदर इन अणुओं की एक विशेष व्यवस्था होती है जिससे इसका हाइड्रोकार्बन सिरा जल के बाहर बना होता है| ऐसा अणुओं का बड़ा गुच्छा बनने के कारण होता है जिसमें जलविरागी पूँछ गुच्छे के आंतरिक हिस्से में होती है जबकि उसका आयनिक सिरा गुच्छे की सतह पर होता है| इस संरचना को मिसेल कहते हैं| मिसेल के रूप में साबुन स्वच्छ करने में सक्षम होता है क्योंकि तैलीय मैल मिसेल के केंद्र में एकत्र हो जाते हैं| इस प्रकार साबुन का मिसेल मैल को पानी में घोलने में मदद करता है तथा कपड़े साफ़ हो जाते हैं |

