7.नियंत्रण एवं समन्वय. Control and coordination
यदि आप 10 वीं कक्षा के छात्र हैं या किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं जिसमें विज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे तो आपको विज्ञान से संबंधित अधिक जानकारी होनी चाहिए। जो विद्यार्थी विज्ञान से संबंधित जानकारी ढूंढ रहा है उसके लिए इस पोस्ट में विज्ञान के कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर दिए गए हैं। प्रश्न उत्तर अपडेट लगी तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।
1.तंत्रिका कोशिका किसे कहते हैं?
उत्तर. तंत्रिकातंत्र की संरचनात्मक तथा कार्यात्मक इकाई को तंत्रिका कोशिका कहते हैं.
2. संवेदी अंग किसे कहते हैं?
उत्तर. जंतुओं के वे अंग जो वातावरण में उत्पन्न होने वाले परिवर्तनों से उद्दीपन प्राप्त करते हो उन्हें संवेदी अंग कहते हैं.
3.हॉर्मोन किसे कहते हैं?
उत्तर. शरीर की क्रियात्मक क्रियाओं को नियंत्रित करने वाले विशेष रासायनिक पदार्थों को हार्मोन कहते हैं.
4.प्रकाश अनुवर्तन गति किसे कहते हैं?
उत्तर.पेड़-पौधों की प्रकाश की दिशा में गति को प्रकाश अनुवर्तन गति कहते हैं.
5.गुरुत्वानुवर्तन किसे कहते हैं?
उत्तर.गुरुत्व बल के कारण पौधों की जड़ों की गति का पृथ्वी की ओर बढ़ाना गुरुत्वनुवर्तन कहलाता है.
6.रसायन अनुवर्तन गति किसे कहते हैं?
उत्तर. प्राणियों में रसायनिक उद्दीपन के कारण जो गति होती है उसे रसायन अनुवर्तन गति कहते हैं.
7.पादप हॉर्मोन किसे कहते हैं?
उत्तर.पौधों द्वारा स्त्रावित विभिन्न हार्मोन जो उन्हें विभिन्न कार्य करते हैं उन्हें पादप हार्मोन कहते हैं.
8.अकुंचन गति किसे कहते हैं?
उत्तर. जब उद्दीपन किसी विशेष में गति उत्पन्न नहीं करता तो उसे अकुंचन गति कहते हैं.
9.फाइटोक्रोम किसे कहते हैं?
उत्तर. वे विशेष वर्णक जो दीप्तिकालिता उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया करते हैं उन्हें साइटोक्रोम कहते हैं.
10.गैंग्लिया किसे कहते हैं?
उत्तर. तंत्रिकाकोशिकाओं के कोशिका कार्य के समूह को गैंग्लिया कहते है.
11.प्रतिवर्ती क्रिया किसे कहते हैं?
उत्तर. किसी उद्दीपन के कारण अपने आप ही शीघ्र हो जाने वाली अनैच्छिक क्रियाओं को प्रतिवर्ती क्रिया कहते हैं.
12.प्रतिवर्त चाप किसे कहते हैं?
उत्तर. जिस मार्ग से प्रतिवर्ती क्रिया पूर्ण होती है उसे प्रतिवर्त चाप कहते हैं.
13.केंद्रीय तंत्रिका तंत्र किसे कहते हैं?
उत्तर. मस्तिष्क और मेरुरज्जु से युक्त तंत्रिका तंत्र का भाग केंद्रीय तंत्रिका तंत्र कहलाता है.
14.चालक तंत्रिका कोशिकाएं किसे कहते हैं?
उत्तर. जो उद्दीपननो के उत्तरों को संबंधित अंगों तक पहुंचाते हैं उन्हें चालक तंत्रिका कोशिकाए कहते हैं.
15. संवेदी तंत्रिका कोशिकाएं किसे कहते हैं?
उत्तर. जो संवेदी अंगों से उद्दीपन को मस्तिष्क तक पहुंचाती है उन्हें संवेदी तंत्रिका कोशिकाएं कहते हैं.
16.तंत्रिकाआयोग किसे कहते हैं?
उत्तर. तंत्रिका कोशिकाओं का रसायनिक या विद्युत संकेत भेजना तंत्रिका आवेग कहलाता है.
पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न (Textual Questions)
प्रश्न . प्रतिवर्ती क्रिया और टहलने के बीच क्या अंतर है ?
उत्तर – प्रतिवर्ती क्रिया
1. यह अनैच्छिक प्रतिक्रिया है।
2. यह शरीर के अंगों की अचानक तथा तीव्र प्रतिक्रिया होती है।
3.यह मेरुरज्जु द्वारा नियंत्रित होती है।
4.प्रतिवर्ती क्रिया में शरीर का केवल एक भाग प्रतिक्रिया करता है न कि पूर्ण शरीर।
टहलना
1. यह ऐच्छिक प्रतिक्रिया है।
2. यह समय पर पर लेकिन धीमी प्रतिक्रिया होती है।
3. यह मस्तिष्क द्वारा नियंत्रित होती है।
4. टहलने का अर्थ है पूर्ण शरीर का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना/गति करना।
प्रश्न . दो तंत्रिकाकोशिका (न्यूरॉन) के मध्य अंतर्ग्रथन (सिनेप्स) में क्या होता है ?
उत्तर- प्राणियों के शरीर में दो तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) एक-दूसरे के साथ जुड़कर श्रृंखला बनाते हैं और सूचना आगे प्रेषित करते हैं।अंतर्ग्रथन दो तंत्रिका कोशिकाओं के बीच में छोटा खाली स्थान होता है | विद्युतीय तरंगो के रूप में आने वाला तंत्रिका आवेग एक रसायन को स्त्रवित कृत है जो खाली स्थान की दरार में आ जाता है इसी प्रकार अंतर्ग्रथन को पार कर ये रसायन अगली तंत्रिका कोशिका में पहुँच जाते है
प्रश्न . मस्तिष्क का कौन-सा भाग शरीर की स्थिति तथा संतुलने का अनुरक्षण करता है ?
अथवा
मानव मस्तिष्क के किस भाग में अनुमस्तिष्क विद्यमान होता है ? इसके द्वारा नियंत्रित होने वाली क्रियाएं बनाइए।
उत्तर- अनुमस्तिष्क (Cerebellum) शरीर की स्थिति तथा संतुलन का अनुरक्षण करता है। यह प्रमस्तिष्क के पिछले भाग में नीचे की ओर स्थित होता है। यही ऐच्छिक पेशियों की गति को नियंत्रित करता है .
प्रश्न . हम एक अगरबत्ती की गंध का पता कैसे लगाते हैं ?
उत्तर- अगरबत्ती से रसायन वायु में मिल जाते हैं तथा हमारे नाक तक पहुँचते हैं। जब हम नासिका में से अंत: श्वास खींचते हैं तो ये रसायन नासिक अंदर प्रवेश करते हैं। यहाँ पे ये नाक की नमी युक्त श्लेष्मा में घुल जाते हैं। घ्राणग्राही इन रसायनों को संवेदना के रूप में ग्रहण करते हैं। इसे संवेदी तंत्रिकाओं के माध्यम से अगर मस्तिष्क को प्रेषित कर देते हैं जहाँ पर संवेदना का विशेषण होता है तथा उसे अनुभव किया जाता है, ऐसे हम सुगंध का अनुभव करते हैं।
प्रश्न . प्रतिवर्ती क्रिया में मस्तिष्क की क्या भूमिका है ?
उत्तर– प्रतिवर्ती क्रियाएं मस्तिष्क के द्वारा नियत्रण में नहीं होतीं।स्त्रवित प्रतिवर्ती क्रियाएँ मेरुरज्जू द्वारा नियंत्रित की जाती है | मस्तिष्क प्रतिवर्ती क्रिया में होने वाले कार्य की सुचना अपने अंदर एकत्रित कर लेता है |
प्रश्न . पादप हॉर्मोन क्या हैं ?
उत्तर- वे विभिन्न प्रकार के रासायिक पदार्थ जो पौधों में वृद्धि और विभेदन संबंधी पर नियन्त्र करते हैं, पादप हेर्मोन कहलाते हैं। पादप हॉर्मोन पौधे की लगभग सभी क्रियाओं; जैसे वृद्धि, विकास, फूल आना, फल आना, फलों का पकना आदि को प्रभावित करते हैं।पादप हॉर्मोन अनेक प्रकार के होते हैं, जैसे-ऑक्सिन (Auxins), इथाइलीन (Ethylene), जिब्बेरेलिन (Gibberllins), साइटोकाइनिन (Cytokinins), एबसिसिक अम्ल (Abscisic Acid)
प्रश्न . छुई-मुई की पत्तियों की गति, प्रकाश की ओर प्ररोह की गति से किस प्रकार भिन्न है ?
उत्तर – छुई-मुई पादप की पत्तियों की गति, प्रकाश की ओर प्ररोह की गति से भिन्न है क्योंकि प्रकाश व प्ररोह गति अनुवर्तन गति होती है जो ऑक्सिन हॉर्मोन द्वारा निंयत्रित होती है | उसमें सूचनाओं के चालन के लिए कोई विशिष्टीकृत ऊतक नहीं होते इसलिए वे जल की मात्रा में परिवर्तन करके अपने पत्तों को सिकुड़ कर उनका आकार बदल लेते हैं।
प्रश्न . एक पादप हॉर्मोन का उदाहरण दीजिए जो वृधि को बढ़ाता है।
उत्तर- ऑक्सिन एक पादप हॉर्मोन है जो पौधों की वृद्धि को बढ़ाता है।
प्रश्न . किसी सहारे के चारों ओर एक प्रतान की वृदधि में ऑक्सिन किस प्रकार सहायक है ?
उत्तर – प्रतान पत्ते तथा तने के रूपांतरित रूप ही होती हैं। ये धागे व रस्सी की तरह की संरचनाएँ होती हैं।वे स्पर्श के प्रति संवेदनशील होते हैं। जब वे किसी सहारे के संपर्क में आते हैं, तो प्रतान का जो भाग सहारे के संपर्क में होता है, उसकी वृद्धि तीव्रता से नहीं होती, जबकि प्रतान का वस्तु (सहारे) के दूसरी ओर का भाग अधिक तीव्रता से वृद्धि करता है, क्योंकि उस ओर ऑक्सिन की सांद्रता अधिक होती है। इससे प्रतान वस्तु के चारों ओर घूम जाता है ओर इसे पकड़ लेता है। विभिन्न दिशाओं में ऑक्सिन की सांद्रता भिन्न-भिन्न होने के कारण पौधे के भागों की गति होती है।
प्रश्न . जलानुवर्तन दर्शाने के लिए एक प्रयोग की अभिकल्पना कीजिए।
उत्तर- लकड़ी का बना एक लंबा डिब्बा लो। इसमें मिट्टी और खाद का मिश्रण भरो। इसके एक सिरे पर एक पौधा लगाओ। डिब्बे में पौधे की विपरीत दिशा में एक कीप मिट्टी में गाड़ दो। पौधे को उसी कीप के द्वारा प्रतिदिन पानी दो। लगभग एक सप्ताह के बाद पौधे के निकट की मिट्टी हटा कर ध्यान से देखो। पौधे की जड़ों की वृद्धि उसी दिशा में दिखाई देगी जिस दिशा से कीप के द्वारा पौधे की सिंचाई की जाती थी।
प्रश्न . जंतुओं में रासायनिक समन्वय कैसे होता है ?
उत्तर- जंतु हॉर्मोन रासायनिक समन्वय का कार्य करते हैं। इन्हें अंत:स्त्रावी ग्रंथियों या नलिका-विहीन ग्रंथियों से स्रावित किया जाता है। ये शरीर के एक हिस्से में उत्पादित होते हैं तथा दूसरे हिस्से में कार्य करते हैं, जिन्हें टारगेट अंग कहते हैं। क्योंकि ये नलिका-विहीन ग्रंथियों से स्रावित होते हैं, इसलिए इनका स्थानांतरण रक्त के माध्यम से होता है
प्रश्न . आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की सलाह क्यों दी जाती है ?
अथवा
हमें अपने आहार में आयोडीन युक्त नमक क्यों लेना चाहिए ? हमारे आहार में आयोडीन की कमी से क्या हानि हो सकती है ?
उत्तर- आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की सलाह इसलिए दी जाती है.क्योंकि शरीर में कार्बोहाइड्रेट ,वसा तथा प्रोटीन के अपचन को थाइरॉइड नियंत्रित करती है | यह ग्रंथि थाइरॉक्सिन नामक हॉर्मोन स्त्रावित करती है. इस ग्रंथि के लिए आयोडीन की आवश्कता होती है .आयोडीन की कमी से घेंघा रोग हो जाता है |
प्रश्न. जब एड्रीनलीन रुधिर में स्रावित होती है तो हमारे शरीर में क्या अनुक्रिया होती है ?
उत्तर- एड्रीनलीन को ‘आपात्काल हॉर्मोन’ भी कहते हैं। जब कोई व्यक्ति भय या तनाव की स्थिति में होता है तब शरीर स्वयं एड्रीनलीन हॉर्मोन को बड़ी मात्रा में स्रावित कर देता है ताकि व्यक्ति आपात्काल का सामना कर सके। इससे हृदय की धड़कन बढ़ जाती है ताकि हमारी पेशियों को अधिक ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सके। पाचन तंत्र तथा त्वचा में रुधिर की आपूर्ति कम हो जाती है। इन अंगों की छोटी धमनियों के आसपास की पेशी सिकुड़ जाती है। यह रुधिर की दिशा हमारी कंकाल पेशियों की ओर कर देती है। डायाफ्राम तथा पसलियों की पेशी के संकुचन से साँस तेज़ चलने लगती है। ये सभी अनुक्रियाएँ मिलकर जंतु शरीर को स्थिति से निपटने के लिए तैयार करती है।
प्रश्न. मधुमेह के कुछ रोगियों की चिकित्सा इंसुलिन का इंजेक्शन देकर क्यों की जाती है?
अथवा
अग्नाशय से कौन-सा हार्मोन स्रावित होता है ? यह हॉर्मोन मानव शरीर में क्या कार्य करता है? इस हॉर्मोन के उचित मात्रा में स्रावित न होने पर क्या होता है ?
उत्तर- मधुमेह के रोगी इंसुलिन हॉर्मोन की कमी से पीड़ित होते हैं। मधुमेह के रोगियों में जब अग्न्याशय, इंसुलिन की पर्याप्त मात्रा स्रावित करने में असफल रहता है तो रक्त का ग्लूकोज़ का स्तर बढ़ जाता है। क्योंकि ऐसे रोगियों में शरीर द्वारा ग्लूकोज़ को ठीक प्रकार से उपयोग नहीं किया जा सकता।इसलिए रुधिर में ग्लूकोज़ की मात्रा को कम करने के लिए मधुमेह के रोगियों को इंसुलिन के इंजेक्शन दिए जाते हैं।
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
प्रश्न . निम्नलिखित में से कौन-सा पादप हॉर्मोन है ?
( अ ) इंसुलिन
( ब ) थायरॉक्सिन
(स) एस्ट्रोजन
(द) साइटोकाइनिन।
उत्तर- (द) साइटोकाइनिन
प्रश्न . दो तंत्रिका कोशिका के मध्य खाली स्थान को कहते हैं
(अ) द्रुमिका
(ब) सिनेप्स
(स) एक्जान
(द) आवेग।
उत्तर- (ब) सिनेप्स।
प्रश्न . मस्तिष्क उत्तरदायी हैः
(अ) सोचने के लिए
(ब) हृदय स्पंदन के लिए
(स) शरीर का संतुलन बनाने के लिए
(द) उपर्युक्त सभी।
उत्तर- (द) उपर्युक्त सभी।
प्रश्न . हमारे शरीर में ग्राही का क्या कार्य है ? ऐसी स्थिति पर विचार कीजिए जहाँ ग्राही उचित प्रकार से कार्य नहीं कर रहे हों। क्या समस्या उत्पन्न हो सकती है ?
उत्तर- ग्राही सवेदनशील अंगो में होती है | ये पर्यावरण से सूचनाएँ ग्रहण करते है| इनके द्वारा व्यक्ति पर्यावरण से स्वयं को संतुलित करता है यदि ये उचित तरीके से कार्य न करें तो मस्तिष्क सूचनाएँ ग्रहण नहीँ कर पाएगा या देर से करेगा अतः असुरक्षित हो जाएगा |
प्रश्न. एक तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) की संरचना बनाइए तथा इसके कार्यों का वर्णन कीजिए।
अथवा
एक तांत्रिका कोशिका से विद्युत् आवेग अगली तंत्रिका कोशिका में कैसे प्रारंभ होता है। समझाइए।
अथवा
तंत्रिका ऊतक से सूचना प्राप्त होने पर, पेशी कोशिका किस प्रकार गति करती है ? समझाइए।
अथवा
तंत्रिका कोशिका द्वारा संवेदी सूचनाएँ किस प्रकार उपार्जित की जाती हैं ?
उत्तर- न्यूरॉन अथवा तंत्रिका कोशिका तंत्रिका आवेग आवेग के संचरण हेतु विशेषीकृत, तंत्रिका तंत्र की कार्यात्मक तथा सरंचनात्मक इकार्इ है यह लगभग 90 – 100 Cm लंबी होती है। न्यूरॉन के 3 भाग होते है – द्रुमिका ,कोशिका काय, एक्सॉन
कोई भी तंत्रिका कोशिका सीधी दूसरी तंत्रिका कोशिका से जुड़ी हुई नहीं होती। इनके बीच कुछ रिक्त स्थान होता है जिसमें बहुत-ही समीप का संवहन होता है इसे अंतर्ग्रथन कहते हैं। यदि हमारे पैर में दर्द है तो इसकी सूचना पैर में स्थित संवेदी तंत्रिका कोशिका के डैड्राइट ग्रहण करते हैं। तंत्रिका कोशिका उसे विद्युत संकेत में बदल देती है। यह विद्युत संकेत तंत्रिकाक्ष के द्वारा प्रवाहित होता है। अंतर्ग्रथन में होता हुआ यह मस्तिष्क तक पहुँचता है। मस्तिष्क संदेशं ग्रहण कर उस पर अनुक्रिया करता है। प्रेरक तंत्रिका इस अनुक्रिया को पैर की पेशियों तक पहुँचाती है और पैर की पेशियां उचित अनुक्रिया करती हैं। तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) तीन प्रकार की हैं
(I) संवेदी तंत्रिकोशिका- शरीर के विभिन्न भागों से यह संवेदनाओं को मस्तिष्क की ओर ले जाती है।
(Ii) प्रेरक तंत्रिकोशिका– यह मस्तिष्क से आदेशों को पेशियों तक पहुँचाती है।
(Iii) बहुधुवी तंत्रिकोशिका– यह संवेदनाओं को मस्तिष्क की तरफ और मस्तिष्क से पेशियों की ओर ले जाने का कार्य करती है।
प्रश्न . पादप में प्रकाशानुवर्तन किस प्रकार होता है ?
उत्तर- जड़ प्रकाश के विपरीत मुड़कर अनुक्रिया करती है तथा तने प्रकाश की दिशा में मुड़कर , इसे प्रकाशावर्तन कहते है | पादप में ऑकिस्न हॉर्मोन स्त्रावित होता है | यह सूर्य के प्रकाश में तने के अंधेरमय भाग में आ जाता है और वहाँ की कोशिकोओं को लंबा कर उन्हें प्रकाश की ओर झुका जाता है | इसे घनात्मक प्रकाशावर्तन कहते है | जड़े ऋणात्मक दर्शाती है |
प्रश्न . मेरुरज्जु आघात में किन संकेतों को आने में व्यवधान होगा ?
उत्तर- प्रतिवर्ती क्रियाएँ सम्पन्न नहीं हो पाएंगी .इसके अलावा सभी सूचनाएँ ठीक प्रकार से संचारित नहीं होगी |
प्रश्न . पादप में रासायनिक समन्वय किस प्रकार होता है ?
उत्तर- पादपों में रासायनिक समन्वय पादप हॉर्मोनों के कारण होता है। पादप कोशिकाएँ हार्मोन को उत्पन्न करती है | ये हार्मोन वृद्धि , विकास तथा विभाजन को निंयत्रित करते है | ये हार्मोन ही रासायनिक समन्वय स्थापित करते है |
प्रश्न . एक जीव में नियंत्रण एवं समन्वय तंत्र की क्या आवश्यकता है ?
उत्तर- जीवों ने नियंत्रण व समन्वय का एक तंत्र विकसित कर लिया है, क्योंकि:
(I) यह शरीर की सभी प्रतिवर्त को नियंत्रित करता है तथा इसकी पर्यावरण के हानिकारक परिवर्तनों से सुरक्षा करता है।
(Ii) यह ऐच्छिक गतियों को नियंत्रण करता है।
(Iii) यह अनैच्छिक गतियों को नियंत्रित करता है।
(Iv) यह जीवों को सोचने, विचारने, विश्लेषण करने, निष्कर्ष निकलने, निर्णय लेने आदि की क्षमता प्रदान करता है।
(V) यह जीवों को अधिकतम लाभ के लिए उचित प्रकार से प्रतिक्रिया करने में सहायक है।
प्रश्न . अनैच्छिक क्रियाएँ तथा प्रतिवर्ती क्रियाएँ एक-दूसरे से किस प्रकार भिन्न हैं ?
उत्तर- अनैच्छिक क्रियाएँ :
1. शरीर या शरीर के किसी अंग की क्रियाएँ जिन्हें हम अपनी इच्छा से नियंत्रित नहीं कर सकते, इन्हें अनैच्छिक क्रियाएँ कहते हैं।
2. इनका नियंत्रण मध्यमस्तिष्क व पश्चमस्तिष्क द्वारा किया जाता हैं।
3. उदाहरण: ह्दय का धड़कना, साँस लेना, पाचननली की क्रमाकुंचन गति।
प्रतिवर्ती क्रियाएँ :
1. किसी उद्दीपन के प्रति अचानक व तीव्र प्रतिक्रियाएँ, प्रतिवर्ती क्रियाएँ कहलाती हैं।ना |
2. ये मुख्यत: मेरुरज्जु द्वारा नियंत्रित होती हैं, न कि मस्तिष्क के द्वारा। यह स्वत: ही होती हैं।
3. उदाहरण: छींकना, खाँसना, मुहँ में लार आना, पलकें झपकना आदि।
प्रश्न . जंतुओं में नियंत्रण एवं समन्वय के लिए तंत्रिका तथा हॉर्मोन क्रियाविधि की तुलना तथा व्यतिरेक (Contrast) कीजिए।
उत्तर – हॉर्मोन क्रिया विधि
1. यह एक्सॉन के अंत में विद्युत आवेग का परिणाम
2. सूचना धीरे-धीरे गति करती है।
3. सूचना सारे शरीर को रक्त के माध्यम से प्राप्त हो जाती है जिसे कोई विशेष कोशिका या तंत्र स्वयं प्राप्त कर लेता है।
4. इसे उत्तर प्रायः धीरे-धीरे प्राप्त होता है।
5. इसका प्रभाव प्रायः देर तक रहता है।
तंत्रिका क्रिया विधि
1. यह रक्त के द्वारा भेजा गया रासायनिक संदेश है। है जो कुछ रसायनों का विमोचन कराता है।
2. सूचना अति तीव्रगति से आगे बढ़ती है।
3. सूचना विशिष्ट एक या अनेक तंत्रों, कोशिकाओं,न्यूरानों आदि को प्राप्त होती है।
4. इसे उत्तर शीघ्र प्राप्त हो जाता है।
5. इसका प्रभाव कम समय तक रहता है।
प्रश्न .छुई-मुई पादप की गति तथा हमारी टांग में होने वाली गति के तरीके में क्या अंतर है ?
उत्तर- छुई-मुई पादप में गति :
इस पौधे में गति का आधार स्पर्श है |
यहाँ गति पतियों के झुकने व खिलने पर आधारित है |
यहाँ पतियोंके आकार में भी परिवर्तन होता है |
हमारी टाँग में होने वाली गति :
इसमें गति का आधार मानव तंत्रिका तंत्र है |
यहाँ गति पेशियों के सिकुड़ने व फैलने पर आधारित है |
यहाँ पैर या उसकी पेशियों के आकार में कोई परिवर्तन नहीं है |

